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ICJ: देशों के आपसी मसलों को निपटाती  है यह अदालत, जानें 7 खास बातें

किसी भी देश की आंतरिक समस्या के निपटारे का जिम्मा वहां की न्यायपालिका का होता है। अदालत वह संस्था होती है जिसका फैसला हरेक को मानना पड़ता है। लेकिन जब देश से बाहर दो या दो से अधिक देशों के बीच आपसी विवाद होता है तो उनमें मध्यस्थता या फैसले के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय अपनी भूमिका निभाता है ताकि विश्व पटल पर शांति बनी रहे। हाल ही में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस(ICJ)  भारतीय  नौसेना के अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले की सुनवाई की है। पाकिस्तान की अदालत ने कुलभूषण को जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी जिसके विरोध में भारत ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय की विश्व में शांति स्थापित करने में क्या भूमिका है और क्यों सभी देशों को आईसीजे के फैसले पर अमल करना पड़ता है। आइये जानते हैं दुनिया की इस बड़ी अदालत आईसीजे से जुड़ी 7 खास बातें-





सन् 1945 में हुई थी स्थापना

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस

आईसीजे की स्थापना संयुक्त चार्टर द्वारा सन् 1945 में की गई थी। इसका कार्यकाल अप्रैल 1946 से शुरू हुआ। यह संयुक्त राष्ट्र(UN) का प्रमुख हिस्सा है। इसका मुख्यालय नीदरलैंड के ‘द हेग’ में शांति पैलेस में स्थित है।

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