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घूस में सोना : गिरफ्तारी मामले में सीबीआई को कोर्ट का नोटिस

सीबीआई

बिलासपुर। तिहाड़ जेल में बंद छत्तीसगढ़ के प्रमुख सचिव बी.एल. अग्रवाल सहित चारों आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि सीबीआई कोर्ट ने 30 मार्च तक बढ़ा दी है। इधर गिरफ्तारी को अवैध बताने वाली अग्रवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने CBI और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 19 अप्रैल तक जवाब मांगा है। आरोप है कि CBI में चल रहे मामले को छत्तीसगढ़ एसीबी को स्थानांतरित कराने के लिए PMO से सेटिंग करने के लिए अग्रवाल ने दलालों को डेढ़ करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी। बताया जाता है कि इस मामले में रकम तीन किश्तों में देना तय हुआ था। हालांकि कैश रकम का बंदोबस्त नहीं होने के कारण अग्रवाल द्वारा कैश की जगह दो किलो सोना देना तय किया था।





अग्रवाल और अन्य आरोपियों को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट की CBI विशेष अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने अग्रवाल के साले आनंद अग्रवाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी। इधर, अग्रवाल की याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जस्टिस पी सेम कोशी के कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें कहा है कि 21 फरवरी को CBI उन्हें बिना सूचना के घर से गिरफ्तार कर दिल्ली ले गई है।

सीबीआई को दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम के अंतर्गत केवल दिल्ली राज्य की भौगोलिक सीमा के अंदर कार्रवाई का अधिकार है। दूसरे राज्य में कार्रवाई करने के लिए राज्य शासन की लिखित सहमति होनी चाहिए। उनके खिलाफ CBI ने 2010 में भी कार्रवाई की थी, लेकिन वह दिल्ली हाईकोर्ट चले गए। इस पूरे मामले में केंद्र सरकार से जारी अन्वेषण की अधिसूचना में राज्य शासन की सहमति नहीं होने पर कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी।

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