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फर्जीवाड़े के बाद सेना के खड़े हुए कान, भर्ती प्रक्रिया की सख्त

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नई दिल्ली। भारतीय सेना में भर्ती होने की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया गया है। अब पहली बार पुलिस वेरिफिकेशन और आधार कार्ड के बिना भर्ती नहीं होगी, अगर ये दो दस्तावेज नहीं तो भर्ती में रुकावटें तय मान लीजिए।





दरअसल, सेना में भर्ती होने के लिए उम्मीदवारों की ओर से किए जा रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सेना ने नया प्लान तैयार किया है। इसमें जहां पहली बार पुलिस वेरिफिकेशन और आधार कार्ड जरूरी किए जा रहे हैं, वहीं 40 ऐसे उम्मीदवारों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है, जो फर्जी दस्तावेज पर भर्ती हुए। ऐसे गिरोह भी रडार पर हैं, जो ऐसे उम्मीदवारों के लिए फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराते हैं।

ज्वाइनिंग से पहले हुआ खुलासा

सेना भर्ती में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सेना ने जो प्लान तैयार किया है, उसे जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया में जहां ऐसे गिरोह के सदस्य भी सामने आए हैं, वहीं फर्जी दस्तावेज के आधार पर उम्मीदवारों ने सेना में भर्ती की कोशिश की और इसमें शामिल भी हुए। लेकिन ज्वाइनिंग से पहले ही सेना ने इस फर्जीवाड़े को क्रैक कर लिया और कई युवाओं पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

इसी जांच में कई आरोपी पुलिस की पकड़ में भी आए हैं। इसके अलावा अभी भी सेना के रडार पर करीब 40 ऐसे उम्मीदवार भी हैं, जिन पर सेना को शक है कि इनके दस्तावेज भी फर्जी हो सकते हैं। अब इन सभी का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। कुछ ऐेसे मामले भी सामने आए हैं, जहां अन्य जिलों के युवकों द्वारा इन सात जिलों का जाली आवास प्रमाण पत्र बनवाकर भर्ती रैली में हिस्सा ले चुके हैं।

ये है सेना की प्लानिंग

उम्मीदवारों से सरपंच व संबंधित अथॉरिटी का चरित्र प्रमाण पत्र मांगा जाएगा। उम्मीदवारों से स्कूल चरित्र प्रमाण पत्र भी मांगा जाएगा। उम्मीदवारों के डोमिसाइल, प्रमाण पत्र, स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट, स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट व अन्य दस्तावेज को भी बारीकी से खंगाला जाएगा।

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