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अनुशासन की बुनियाद पर यहां तैयार होते हैं भारतीय सैनिक

AEC

नई दिल्ली। सेना शिक्षा कोर (AEC) ट्रेनिंग कॉलेज और केन्द्र भारतीय सेना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां भारतीय सैनिकों को सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। भारत की सेना शिक्षा कोर भारतीय सेना द्वारा संचालित ट्रेनिंग कॉलेज है, जो विभिन्न विषयों में सैनिकों व अन्य सभी रैंकों के अधिकारियों को तैयार करता है। यह केंद्र युद्ध और गैर युद्ध अभियानों के लिए सैनिकों, अधिकारियों को प्रशिक्षित करता है। 1 जून 2017 को इस कोर ने स्थापना के 57 वर्ष पूरे किए हैं।





ईस्ट इंडिया कंपनी ने की थी शुरूआत

इसकी स्थापना ईस्ट इंडिया कंपनी ने की थी। ब्रिटिश सेना में यूरोपियन और भारतीय सेना दोनों ही शामिल थी और कंपनी सामाजिक व राजनीतिक व सैन्य विकास के लिए अलग-अलग शैक्षिक प्रशिक्षण विकसित करना चाहती थी। इसे रॉयल और इंडियन दो भागों में बांटा गया था।

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सेना शिक्षा कोर की शुरूआत ईस्ट इंडिया कंपनी ने की थी

क्लाउड औचिनलेक ने की थी सिफारिश

भारतीय सैनिकों के बीच साक्षरता के व्यापक प्रसार, शिक्षा प्रणाली की कमी और युद्ध के लिए भारतीय सैनिकों को तैयार करने की आवश्यकता ने 1944 में कमांडर इन चीफ आफ इंडिया क्लाउड औचिनलेक को भारतीय सेना के लिए शैक्षणिक प्रशिक्षण के लिए एक अलग आत्मनिहित संगठन बनाने प्रेरित किया था। 30 अप्रैल 1946 को उन्होंने बिना किसी देरी के अलग भारतीय सेना शिक्षा कोर के गठन की सिफारिश की। 1 जून 1947 को काउंसिल में गवर्नर जनरल ने भारतीय सेना शिक्षा कोर के रूप में एक नया कोर गठित किया। उस समय इसमें नियमित कैडर के 80 अधिकारी, 120 वॉयसराय कमीशंड आॅफिसर और 400 भारतीय शामिल थे। 1 नवंबर 1950 को रॉयल और इंडियन उपनामों को हटाने का फैसला किया गया और इसका नाम बदलकर सेना शिक्षा कोर किया गया।

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ये केंद्र युद्ध और गैर युद्ध अभियानों के लिए सैनिकों को प्रशिक्षित करता है।

ये हैं खासियत

  • AEC कर्मियों के लिए रेजिमेंटल प्रशिक्षण केन्द्र है और यह बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी भोपाल से संबद्ध कॉलेज है।
  • सेना शिक्षा कोर प्रशिक्षण केंद्र पचमढ़ी में स्थित है और सैनिकों के शैक्षणिक स्तर को बढ़ाने में लगातार सक्रिय है।
  • सेना शिक्षा कोर समय के साथ आधुनिक रूप से विकसित किया गया है। हाईटेक क्लासरूम, इंस्ट्रक्शनल मॉनिटरिंग सिस्टम, इंटरनेट और मीडिया कनेक्टिविटी सिस्टम, आॅटोमैटिक लाइब्रेरी, कम्प्यूटर बेस्ड लैंग्वेज लैब, मैप रीडिंग के लिए जिओग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम जैसी सुविधाओं के साथ सैनिकों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करने में सक्षम है।
  • यह कोर अपनी उच्च गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षण के के माध्यम से सैनिकों को प्रशिक्षण देने में अपनी अहम भूमिका निभाती है।
  • यह कोर लैंड नेविगेशन ट्रेनिंग, पर्सनल डवलपमेंट, विदेशी भाषाओं सैन्य संगीत सहित व्यवसायिक पुस्तकालय से जुड़े शिक्षण-प्रशिक्षण भी प्रदान करती है।
  • कोर ने इग्नू, सेना शिक्षा परियोजना के तहत भारतीय सेना के दूरस्थ शिक्षा को भी बढ़ावा दिया है। वर्तमान में सेना शिक्षा कोर की शैक्षणिक दर प्रतिशत 68 हो गई है।

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