Anya Smachar

आय से अधिक संपत्ति मामले में वीरभद्र सिंह को झटका

नई दिल्ली: आय से अधिक सम्पत्ति मामले में अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद कराने दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को मायूसी हाथ लगी है। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है।





वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह ने कहा था कि किसी अदालत ने ऐसा कोई आदेश, निर्देश या फैसला नहीं दिया जिससे सीबीआई हिमाचल प्रदेश की सीमा में जांच या नियमित मामले दर्ज करने के लिए अधिकृत की गई हो। उनके निजी आवास एवं अन्य परिसरों पर सीबीआई ने दुर्भावना एवं राजनीतिक बदले की भावना से छापेमारी की।

वीरभद्र ने आरोप लगाया है कि सीबीआई ने एफआईआर दर्ज करने में अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा था कि एक वर्तमान मुख्यमंत्री के आवास की छापेमारी से पहले राज्य सरकार और गृह विभाग की अनुमति नहीं ली गई। दूसरी ओर, सीबीआई ने दलील दी कि वीरभद्र के खिलाफ आरोप बहुत गंभीर हैं, क्योंकि इसमें बड़ी धनराशि शामिल है और राज्य सरकार ने उन्हें बचाने के लिए कुछ ज्यादा ही बेचैनी दिखाई है।

गौरतलब है कि वीरभद्र सिंह के खिलाफ मनी लांड्रिंग केस में उनके एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को भी सीबीआई ने आरोपी बनाया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चंडीगढ़ में आनंद चौहान को पिछले साल 8 जुलाई को गिरफ्तार किया था। चौहान के खिलाफ वीरभद्र सिंह के पांच करोड़ रुपये जीवन बीमा में निवेश करवाने का आरोप है।

चौहान ने वीरभद्र सिंह से पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम कैश में ली और अपने बैंक खाते में जमा करवा दी। फिर उसने वीरभद्र सिंह और उनके रिश्तेदारों के नाम पर बीमा पॉलिसी खरीद कर निवेश कर दिया। वीरभद्र सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में केस लंबित है।

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