Anya Smachar

अब 500-1000 के पुराने नोट स्वीकार नहीं किए जाएंगे

500 और 1000 की पुरानी करेंसी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि अब पुराने नोटों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिनके पास ये पुराने नोट हैं वे उसका कोई उपयोग नहीं कर सकते हैं। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट 11 अप्रैल को सुनवाई करने वाली है, जिसके पहले केंद्र सरकार ने हलफनामा दाखिल किया है।





पिछले 21 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक को निर्देश दिया था कि वे यह बताएं कि वे प्रवासी भारतीयों और विदेश जा रहे भारतीयों के लिए पुराने नोट जमा करने का काउंटर 31 मार्च तक कैसे चला रहे हैं जबकि देश के नागरिकों के लिए ये सुविधा नहीं है। कोर्ट ने कहा था कि केंद्र सरकार दो सप्ताह में हलफनामा दायर करे। कोर्ट ने केंद्र से ये भी पूछा था कि क्या वे उन लोगों के पुराने नोट जमा करने के बारे में दोबारा विचार कर सकते हैं जो वाकई परेशानी की वजह से जमा नहीं कर पाए।

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने 8 नवंबर को अपने भाषण में ये कहा था कि जिन लोगों को वास्तव में परेशानी होगी वे अपना पुराना नोट 31 मार्च तक जमा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री के इस भाषण से उन लोगों को आशा बंधी थी जो किसी परेशानी की वजह से पुराने नोट जमा नहीं कर पाए।

केंद्र सरकार ने कहा था कि पुराने नोट गैर कानूनी करार दिए गए हैं। अब उनको स्वीकार करने के लिए केंद्र काउंटर नहीं खोल सकती है। आपने इन याचिकाओं को स्वीकार क्यों किया जबकि इस पर संसद को अधिकार है और उन्होंने किया है। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आपकी बहस मनमानी है। तब केंद्र ने कहा कि ये मनमानी नहीं है, क्योंकि ये सबके लिए है कि कोई पुराने नोट जमा नहीं कर सकता है। केवल उन लोगों के लिए काउंटर खोला गया है जो विदेश में रहते हैं।

याचिका में मांग की गई थी कि पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोटों को 31 मार्च तक जमा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट दिशानिर्देश जारी करे। याचिका में कहा गया है कि रिजर्व बैंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आश्वासन के बावजूद 31 मार्च तक पुराने नोटों को स्वीकार करने से इनकार कर रहा है।

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