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तारक मेहता: मरकर भी लोगों को देते रहेंगे खुशियां

तारक-मेहता

नई दिल्ली: देश के प्रसिद्ध और हास्य लेखक तारक मेहता मरकर भी लोगों को खुशियां देते रहेंगे। दरअसल, उन्होंने अपने जीवन काल में ही अपना शरीर दान कर दिया था। उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद NHL मेडिकल कॉलेज को एनाटॉमिकल स्टडी के लिए सौंप दिया गया। 26 दिसंबर 1929 को अहमदाबाद में जन्मे तारक मेहता ने गुजराती में बीए, एमए की पढ़ाई की थी। मेहता का देहांत 1 मार्च 2017 को बीमारी के कारण हो गया। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे।





तारक मेहता के बारे में

  • वह गुजराती हास्य लेखक थे। उन्होंने कई हिंदी और अंग्रेजी हास्य नाटकों का गुजराती में अनुवाद किया। मेहता गुजराती समाज में एक लोकप्रिय हस्ती थे।
  • उन्होंने अपना पहला हास्य कॉलम 1971 में ‘चित्रलेखा’ के नाम से शुरू किया था। उनकी अब तक 80 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं।
  • उनका सबसे फेमस कॉलम ‘दुनिया ने ऊंधा चश्मा’ है। इसे गुजराती भाषा में लिखा गया था। ‘सब टीवी’ पर प्रसारित होने वाला ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ इसी कॉलम पर आधारित है।
  • पिछले 9 साल से टेलिकास्ट हो रहा ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक में काफी पसंद किया जाता है।
  • 2005 में ही ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के 1700 एपिसोड हो चुके थे। यह शो ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हुआ था।

तारक मेहता को ‘पद्मश्री’ सम्मान देते राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (फाइल फोटो)

  • 26 जनवरी 2015 में तारक मेहता को साहित्य और हास्य विधा में अतुलनीय योगदान के लिए ‘पद्मश्री’ दी गई थी।
  • ‘दुनिया ने ऊंधा चश्मा’ के अलावा उनके फेमस कॉलम ‘आ दुनिया पंजरापोल’, ‘एक्श’न रीप्ले’, ‘अलबेलु अमेरिका वंथेलु अमेरिका’, ‘चंपकलाल तपुनि जुगलबंधी’, ‘बेताज बतालीबाज पोपटलाल तारज’ हैं।
  • वह संगीत नाटक अकादमी से भी जुड़े थे। यहां उन्होंने कई नाटकों का निर्देशन किया।
  • उन्होंने दो शादी की थी। पहली पत्नी इला से तलाक होने के बाद उन्होंने इंदू से शादी की। इला से उन्हें एक बेटी भी है जो यूएस में रहती है।
  • 1958 में गुजराती नाटक मंडली कार्यालय में कार्यकारी मंत्री बनाया गया।
  • 1960 से 1986 तक वह भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के फिल्म प्रभाग, मुंबई में गजटेड अफसर भी रहे।

तारक मेहता के देहांत पर देश की शीर्ष हस्तियों ने दु:ख प्रकट किया और श्रद्धांजलि दी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी और अभिनेता व सांसद परेश रावल शामिल हैं।

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