Anya Smachar

पाकिस्तान को सुषमा की दो टूक, आतंकवाद- बात साथ-साथ नहीं

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज

नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के तीन साल में विदेश मंत्रालय के कामकाज पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान को लेकर सरकार की नीति स्पष्ट कर दी। स्वराज ने कहा कि हम तीन बिंदुओं पर पाकिस्तान को लेकर विदेश नीति का पालन कर रहे हैं। पहला, हम पाकिस्तान के साथ हर मुद्दे को बातचीत के द्वारा हल करने पर विश्वास करते हैं। दूसरा, भारत-पाक के बीच टकराव के हर मुद्दे पर बात केवल हम दोनों देशों के बीच होगी, इसमें हम किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं स्वीकार नहीं करेंगे। और तीसरा, कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते।





  • कश्मीर मुद्दे को लेकर अंतर्राष्ट्रीय अदालत जाने का कोई विचार नहीं

पाकिस्तान के साथ कुलभूषण जाधव मामले पर सुषमा स्वराज ने कहा कि हम अंतर्राष्ट्रीय अदालत के अंतिम फैसले का इंतजार करेंगे, उसके पहले पाकिस्तान हमारे नागरिक को कोई सजा नहीं दे सकता। साथ ही कश्मीर मुद्दे को लेकर हमारी सरकार की अंतर्राष्ट्रीय अदालत जाने का कोई विचार नहीं है।

  • पाकिस्तान हमारे नागरिक को कोई सजा नहीं दे सकता

सोमवार को दिल्ली में पत्रकारों से मुखातिब सुषमा स्वराज ने साफ किया कि दिसंबर, 2015 में नरेंद्र मोदी-नवाज शरीफ की लाहौर में मुलाकात होती है, और अगले ही महीने पठानकोट में आतंकी हमला हो जाता है। भारत को ये स्वीकार नहीं है। पठानकोट हमले को लेकर हम पाक जांच दल का लगातार सहयोग कर रहे हैं, बावजूद इसके सारी जांच ठहरी हुई है।

वहीं पाक तीर्थयात्रियों, मरीजों को वापस उनके देश भेजने पर सुषमा स्वराज ने साफ किया कि ये सभी अल्पकालीन वीजा पर आते हैं और ये शरणार्थी नहीं होते हैं। ऐसे में इन लोगों को लंबी अवधि के वीजा देना संभव नहीं है। शरणार्थियों को लेकर हमारी नीति पहले से ही स्पष्ट है, लेकिन हम तीर्थयात्रियों, मरीजों को उस श्रेणी में नहीं रख सकते।

  • डोनाल्ड ट्रम्प को दिया जवाब

हाल ही में पेरिस जलवायु समझौते से यूएस के बाहर आने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत को लेकर नकारात्मक टिप्पणी पर विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने पेरिस जलवायु समझौता पर्यावरण संरक्षण को लेकर मिलने वाली अरबों डॉलर की ग्रांट या किसी शक्तिशाली देश के दबाव में आकर साइन नहीं किया। भारत हमेशा से पर्यावरण को लेकर प्रतिबध्द रहा है। ये हमारे देश की संस्कृति है जहां वृक्ष, नदी, पहाड़ सहित सभी पर्यावरण कारक पूजे जाते हैं।

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