Anya Smachar

बीएस थ्री वाहनों की बिक्री पर 31 मार्च के बाद प्रतिबंध

सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बीएस थ्री वाहनों के 31 मार्च के बाद बेचे जाने पर रोक लगा दी है। बुधवार को कोर्ट ने कहा है कि एक अप्रैल के बाद बीएस थ्री वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने बजाज आटो की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे करीब 8.24 लाख बीएस थ्री उन वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकेगा जिनकी अभी बिक्री नहीं हुई है। आपको बता दें कि कल सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि सरकार की अधिसूचना मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित है बिक्री पर नहीं।





इससे पहले सुनवाई के दौरान एमिकस क्युरी ने कहा था कि बड़े शहरों में खासकर घनी बस्तियों में प्रदूषण काफी खतरनाक स्तर पर है। चारपहिया वाहन निर्माताओं को पर्यावरण सुरक्षा अधिनियम का पालन करना चाहिए । सरकार को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि ऑटोमोबाइल कंपनियों केवल बीएस फोर वाहन ही बनाएं और बेचें लेकिन वे लाभ कमाने के चक्कर में बीएस थ्री वाहन बनाने में कमी नहीं कर रही है। सबको पता है कि सरकार का नोटिफिकेशन आज नहीं तो कल लागू होगा लेकिन उसके बावजूद वे पालन नहीं करना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें बीएस थ्री वाहन बेचने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

दिल्ली में प्रदूषण

दिल्ली की आबो-हवा का हाल (फ़ाइल फोटो)

इसके पहले सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सभी ऑटोमोबाइल निर्माताओं को निर्देश दिया था कि वे बीएस थ्री वाहनों के स्टॉक का विवरण दें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वे जनवरी 2016 से लेकर अब तक के हर महीने के वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग और बिक्री से संबंधित मासिक आंकड़ा बताएं। कोर्ट ने कहा था कि 31 मार्च के बाद बीएस थ्री वाहनों की बिक्री पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर आंकड़ों को देखने के बाद ही फैसला करेगी।

ऑटोमोबाइल कंपनी बजाज ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर कहा है कि 31 मार्च के बाद बीएस थ्री वाहनों की बिक्री रोकने का दिशानिर्देश जारी किया जाए। बजाज ने कहा है कि सरकार ने अप्रैल, 2014 में बीएस फोर मानदंड लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया था। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ऑटो कंपनियों को नए फ्युएल मापदंड में परिवर्तित करने के लिए पर्याप्त समय मिला। नोटिफिकेशन के मुताबिक 1 अप्रैल, 2016 से ही बीएस थ्री वाहनों की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। इस समय सीमा को पिछले साल सरकार ने बढ़ाकर 1 अप्रैल, 2017 कर दिया था। लेकिन कई ऑटोमोबाइल कंपनियां अब भी बीएस थ्री वाहनों का इस्तेमाल कर रही हैं जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है।

बजाज की इस अर्जी का ऑटोमोबाइल कंपनी हीरो समेत कई कंपनियों ने विरोध किया था। कंपनियों की दलील है कि बीएस थ्री वाहनों के मैन्यूफैक्चरिंग पर रोक लगाई जानी चाहिए बिक्री पर नहीं।

Comments

Most Popular

To Top