Anya Smachar

कैंसर की दवाओं के ट्रायल का मामला संविधान पीठ को

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नई दिल्ली। ग्रीवा कैंसर की दवाओं का बिना अनुमति के क्लीनिकल ट्रायल करने के खिलाफ हेल्थ एक्टिविस्ट कल्पना मेहता की जनहित याचिका को सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कांस्टीट्यूशन बेंच को रेफर कर​ दिया है। जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया ।





याचिका में कहा गया है कि ग्रीवा कैंसर की दवाओं का क्लीनिकल ट्रायल बिना किसी शोध के किया गया। संसदीय समिति की अनुशंसाओं के अनुसार, इसकी सुरक्षा को लेकर पर्याप्त शोध किए जाने की जरूरत है। याचिका में कहा गया है कि सर्विटेक्स और गार्डाजिल नामक दवाइयां काफी नुकसानदेह हैं और उनका परीक्षण नहीं किया गया है। इसलिए इन दोनों दवाओं को बैन किया जाए ।

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और गुजरात सरकार से पूछा था कि जिन पर ट्रायल होता है उनकी सहमति लेने का क्या प्रावधान है ? अगर ट्रायल के दौरान कुछ अनहोनी होती है तो मुआवजा कौन देगा ? सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार ने कहा था कि क्लीनिकल ट्रायल से राज्य में सात मौतें हुई थीं।

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