Anya Smachar

मां-बेटी के बीच थी 30 किलोमीटर की दूरी, मिलने में लग गए 45 साल!

मां और बेटी एक-दूसरे से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर थी लेकिन इस दूरी को तय करने में उन्हें 45 साल लग गए। जी हां! भारत-पाकिस्तान बंटवारें का दंश बहुत से परिवारों ने देखा है।

मां और बेटी एक-दूसरे से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर थी लेकिन इस दूरी को तय करने में उन्हें 45 साल लग गए। जी हां! भारत-पाकिस्तान बंटवारे का दंश बहुत से परिवारों ने देखा है। इन्हीं में से एक कहानी है जायबा की। जायबा अपनी जन्‍मस्थली भारत के लेह से केवल 30 किमी दूर पाकिस्‍तान के गिलगित-बल्तिस्‍तान के चालूंका में थीं। दिसंबर 1971 से पहले चालूंका पाकिस्तान का हिस्सा था लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच जंग के बाद यह भारत के हिस्से में आ गया। वहीं दूसरी तरफ, जायबा की शादी अब पाक अधिकृत कश्मीर में हुई थी। यानि मां और बेटी के मुल्क बदल चुके थे। उनके माता-पिता और बाकी भाई-बहन भारत में रह गए।





  • 30 किलोमीटर की दूरी तय करने में 45 साल लग गए। 29 अगस्‍त 2016 को जायबा फिर से अपनी जन्‍मस्‍थली और मां को देख सकीं।
  • उनकी 96 साल की मां खातीबी लकवे से जूझ रही हैं और वह देख भी नहीं सकतीं।
  • जायबा के भारत जाने के लिए उनके बच्‍चों ने कागजात जमा किए और 4 लाख रुपये जोड़े।
  • उनकी ओर से नवंबर 2015 में पहली बार भारतीय वीजा के लिए आवदेन किया गया लेकिन अर्जी खारिज कर दी गई।
  • जायबा की वीजा अर्जी दो बार रद हुई। इसके बाद जून 2016 में वीजा दे दिया गया।
  • जायबा की उम्र अब 60 साल हो चुकी है। 15 साल की उम्र में बंटवारे के चलते मुल्क हुए थे अलग।
  • अलग होने के 7 साल बाद जायबा को पता चला कि उनके माता-पिता और भाई-बहन चालूंका में हैं।
  • यहां आने के बाद भारत सरकार ने कई बार उनके वीजा की अवधि बढ़ा दी।

‘भारत सरकार मेरे परिवार का काफी अच्‍छा ख्‍याल रख रही है। चालूंका आना काफी थका देने वाला सफर था लेकिन मैं अपनी मां को देखना चाहती थी। इससे मेरी राह आसान हो गई।’-जायबा

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