Anya Smachar

जानिए, मनोहर पर्रिकर को क्यों दो बार लेनी पड़ी शपथ ?

मनोहर पर्रिकर

दिल्ली से ताजा ताजा रक्षा मंत्री की कुर्सी छोड़ कर गोवा पहुंचें मनोहर पर्रिकर ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के पद की शपथ तो ली लेकिन छोटी से भूल के लिए हंसी के पात्र भी बन गए।

पणजी। दिल्ली से ताजा ताजा रक्षा मंत्री की कुर्सी छोड़ कर गोवा पहुंचें मनोहर पर्रिकर ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के पद की शपथ तो ली लेकिन छोटी से भूल के लिए हंसी के पात्र भी बन गए। क्योंकि आदत मंत्री बने रहने की पड़ गई थी शायद इसीलिए शपथ मंत्री पद की ही ले ली। मंत्री से पहले मुख्य बोलना भूल गए । इसके बाद उन्होंने सीएम पद की फिर से शपथ ली।





गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। वैसे पर्रिकर इससे भी तीन बार गोवा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। विधानसभा चुनावों में 40 में से 13 सीटें जीतने के बावजूद छोटी पार्टियों के समर्थन से बीजेपी गोवा में सरकार बना रही है। उसे महाराष्‍ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के साथ ही निर्दलीयों का भी समर्थन मिला है। हालांकि कांग्रेस को 17 सीटें मिली थी लेकिन सरकार बनाने के लिए राज्य‍पाल के बुलावे के इंतजार करना उसे भारी पड़ गया।

सु्प्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार उन्‍हें 16 मार्च को बहुमत साबित करना है। 13 दिसंबर 1955 को जन्‍मे मनोहर पर्रिकर ने IIT मुंबई से स्‍नातक डिग्री हासिल की। देश के किसी राज्‍य का मुख्यमंत्री पद संभालने वाले वे पहले आईआईटियन थे, उनके बाद अरविंद केजरीवाल ने भी इस क्रम को दोहराया। गोवा में ‘कमल’ खिलाने का श्रेय पर्रिकर की हो जाता है। 62 साल के पर्रिकर सबसे पहले 24 अक्‍टूबर 2000 को गोवा के सीएम बने, लेकिन उनकी सरकार फ़रवरी 2002 तक ही चल पाई। बाद में वे जून 2002 में फिर राज्‍य के सीएम बने।

साल 2012 में पर्रिकर ने तीसरी बार गोवा के मुख्‍यमंत्री की शपथ ली। सीएम के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान सादगीपूर्ण जीवन की वजह से उन्‍होंने लोगों के दिलों में खास छाप छोड़ी। वह बीजेपी से राज्‍यसभा सांसद भी रहे हैं।

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