Anya Smachar

GST बिल संसद में पेश, वित्त मंत्री ने इसे बताया रिवोल्यूशनरी

वित्तमंत्री-अरुण-जेटली

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) बिल पेश कर दिया। सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। चर्चा के दौरान अरुण जेटली ने जीएसटी को क्रांतिकारी बिल बताते हुए सबके हितों वाला करार दिया। वहीं वीरप्पा मोइली ने इसे गेम चेंजर नहीं बल्कि बचकाना कदम बताया।





जीएसटी से जुड़े चार विधेयकों पर चर्चा शुरू होने के बाद वित्त मंत्री ने लोकसभा में कहा कि इसके अधिकारों का दुरुपयोग न हो ये ध्यान रखना होगा। उन्होंने कहा कि सिफारिशों और सर्वसम्मति के आधार पर जीएसटी परिषद की अब तक 12 बैठकें हो चुकी हैं। वित्त मंत्री ने इसे एक क्रांतिकारी बिल बताते हुए सबके हित वाला बिल करार दिया।

लोकसभा में बिल पर गहन चर्चा से एक दिन पूर्व बीजेपी संसदीय दल की बैठक में जेटली ने बिल के एक-एक पहलू से पार्टी सांसदों को अवगत कराया। प्रधानमंत्री मोदी बीजेपी सांसदों को पहले ही निर्देश दे चुके हैं कि वे जीएसटी से होने वाले फायदों को जनता के बीच जाकर गिनाएं।

 

क्या है 4 टियर GST स्लैब ?

बता दें कि फिलहाल हम अलग-अलग सामान पर 30 से 35% टैक्स देते हैं। जीएसटी में इन सभी टैक्सेज को एक साथ लाकर 17 या 18 फीसदी कर दिया जाएगा। इसके बाद सभी राज्यों में सभी सामान एक कीमत पर मिलेगा और टैक्स भी एक ही जैसा होगा। अभी एक ही चीज दो राज्यों में अलग-अलग दाम पर बिकती है, क्योंकि राज्य अपने हिसाब से टैक्स लगाते हैं। जीएसटी लागू होने के बाद सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, एडीशनल एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडीशनल कस्टम ड्यूटी (सीवीडी), स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम (एसएडी), वैट/सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन टैक्स, ऑक्ट्रॉय एंडी एंट्री टैक्स, परचेज टैक्स, लक्जरी टैक्स खत्म हो जाएंगे।

क्या होगा सस्ता और महंगा?

GST के लागू होने के बाद लेन-देन पर से वैट और सर्विस टैक्स ख़त्म हो जाएगा। ऐसा होने के बाद घर खरीदना पहले के मुकाबले सस्ता हो सकता है। घर खरीदने के अलावा रेस्टोरेंट का बिल भी कम हो जाएगा। बता दें कि फिलहाल वैट हर राज्यों के लिए अलग-अलग और 6% सर्विस टैक्स बिल के 40% हिस्से पर 15% दोनों लगता है। जीएसटी के तहत सिर्फ एक टैक्स लगेगा और ये आपकी जेब के लिए फायदेमंद होगा। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे एयरकंडीशनर, माइक्रोवेव ओवन, फ्रिज, वाशिंग मशीन सस्ती हागी। फिलहाल 12.5% एक्साइज और 14.5% वैट लगता है। जीएसटी के बाद सिर्फ 18% टैक्स लगेगा। खरीदारी के अलावा माल ढुलाई भी 20% सस्ती होगी जिसका फायदा लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री को मिलेगा।

चाय-कॉफी, डिब्बाबंद फूड प्रोडक्ट 12% तक महंगे होंगे। बता दें कि इन प्रोडक्ट्स पर अभी तक ड्यूटी नहीं लगती थी जो कि GST के बाद से टैक्स के दायरे में आ जाएंगे। सर्विसेज पर नज़र डालें तो मोबाइल बिल, क्रेडिट कार्ड का बिल भी महंगा होने वाला है। फिलहाल सर्विसेस पर 15 फीसदी टैक्स (14% सर्विस टैक्स, 0.5% स्वच्छ भारत सेस, 0.5% कृषि कल्याण सेस) लगता है। जीएसटी लागू होने पर ये बढ़कर 18 फीसदी से ज्यादा हो जाएगा। GST आने के बाद MRP पर टैक्स लगने लगेगा जो फिलहाल डिस्काउंट के बाद वाले दाम पर लगता है। GST के बाद जेम्स एंड ज्वैलरी महंगी होना तय है क्योंकि इस पर अभी 3% ड्यूटी लगती है जो GST के बाद बढ़कर 17 फीसदी तक हो जाएगी। रेडिमेड गारमेंट भी महंगे होंगे क्योंकि फ़िलहाल इन पर 4 से 5 फीसदी वैट लगता है जो GST के बाद 12 फीसदी हो जाएगा।

देश की अर्थव्यवस्था का क्या होगा ?

GST लागू होने के बाद करीब 3 साल तक महंगाई का बढ़ना तय माना जा रहा है। बता दें कि मलेशिया में साल 2015 में जीएसटी आने के बाद से महंगाई दर 2.5 फीसदी तक बढ़ी है। इसका सीधा कारण है कि अभी हम रोजमर्रा की सर्विसेस पर 15% सर्विस टैक्स देते हैं जो GST के बाद अब 18 फीसदी होगा। हालांकि पेट्रोल-डीजल-गैस जीएसटी में नहीं होंगे। जीएसटी लागू होने के बाद वस्तुओं एवं सेवाओं पर सिर्फ तीन टैक्स वसूले जाएंगे, पहला सीजीएसटी यानी सेंट्रल जीएसटी जो केंद्र सरकार वसूलेगी। दूसरा एसजीएसटी यानी स्टेट जीएसटी जो राज्य सरकार अपने यहां होने वाले कारोबार पर वसूलेगी। कोई कारोबार अगर दो राज्यों के बीच होगा तो उस पर आईजीएसटी यानी इंटीग्रेटेड जीएसटी वसूला जाएगा। इसे केंद्र सरकार वसूल करेगी और उसे दोनों राज्यों में समान अनुपात में बांट दिया जएगा।

कांग्रेस कर सकती है विरोध:

कांग्रेस को जीएसटी विधेयक वर्तमान स्वरूप में स्वीकार्य नहीं है, लेकिन पार्टी इस मामले में सतर्कता से आगे बढ़ेगी। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक में तय किया गया कि जीएसटी विधेयकों के बारे में जनता की चिंताओं को उठाया जाए और आवश्यक संशोधन के लिए कहा जाए।

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