Anya Smachar

सही मार्ग बुद्ध का मध्यम मार्ग : राष्ट्रपति

राष्ट्रपति-प्रणब-मुखर्जी

पटना। अन्तरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुये राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि विश्व वैश्विक चुनौतियां एवं संकट के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि कैसे मानव सभ्यता को बचाये रखा जाय? बौद्ध धर्म एवं इसका संदेश प्रासंगिक हैं। आतंकवाद किसी व्यक्ति का कोई कर्म या कुकर्म नहीं, बल्कि मानसिक कुरीतियां हैं। आतंकवाद सकारात्मक नहीं नकारात्मक है। सही मार्ग बुद्ध का मध्यम मार्ग है। उन्होंने तक्षशीला, विक्रमशीला, नालंदा तथा ओदंतपुरी शिक्षण केन्द्रों का भी नाम लिया तथा बताया कि ये वे शिक्षण केन्द्र थे, जहां सभी प्रकार की शिक्षा दी जाती थी।





तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर 12वीं सदी तक नालंदा विश्वविद्यालय उत्कृष्ट शिक्षण केन्द्र के रूप में विख्यात रहा था, जहां खुले दिमाग से प्रश्नों को पूछा एवं वाद-विवाद किया जाता था। जहां आचार्य या उपाध्याय द्वारा विद्यार्थियों का मानसिक विकास किया जाता था।

इस मौके पर मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा कि सौभाग्य की बात है कि यही वह जगह है, जहां पहली बार बौद्ध सम्मेलन आयोजित किया गया था । महात्मा बुद्ध का राजगीर से गहरा संबंध रहा है। ज्ञान की प्राप्ति के पहले एवं ज्ञान प्राप्ति के बाद वे यहीं वर्षावास किए थे। 21वीं सदी में बौद्ध धर्म की प्रासंगिकता पर हो रहे आयोजन में दुनिया के अनेक देशो के लेाग विमर्ष कर रहे हैं, जिसका उद्घाटन परम पावन दलाईलामा जी ने किया।

 

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