Anya Smachar

जमीन घोटाले में वाड्रा के करीबियों के यहाँ की ईडी के छापे

प्रवर्तन निदेशालय

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीकानेर जिले में सस्ती दरों पर जमीन खरीदकर कंपनियों को बेचने के बहुचर्चित जमीन घोटाले मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए छापे मारे हैं। बीकानेर जमीन घोटाले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा व उनके नजदीकी लोगों व कंपनियों की कथित लिप्तता की जांच ईडी कर रही है। इसी मामले में ईडी ने आज बुधवार को बीकानेर के अलावा फरीदाबाद में तीन जगहों पर छापे मारे। दरअसल, बीकानेर में 270 बीघा जमीन 79 लाख में खरीदी और तीन साल बाद 5 करोड़ में बेच दी गई।





ईडी ने महेश नागर व अशोक कुमार के आवास और कार्यालयों पर छापेमारी की है। ये दोनों रॉबर्ट वाड्रा के करीबी बताए जाते हैं। यह भी सामने आया है कि महेश नागर को वाड्रा की कंपनी ने जमीन खरीदने और बेचने की पावर ऑफ अटार्नी दी थी। अशोक कुमार को जिस व्यक्ति ने जमीनें बेची हैं, उनमें भी जमीनें खरीदने व बेचने की अटॉर्नी वाड्रा कंपनी ने दी बताई जाती है। ईडी जांच के मुताबिक, अशोक महेश नागर का वाहन चालक रह चुका है और वे दोनों एक ही गांव के हैं। यहीं नहीं महेश नागर का भाई हरियाणा से कांग्रेस विधायक भी है।

ईडी ने जो आज छापेमारी की कार्रवाई की है, वह बीकानेर में स्काइलाइट कंपनी के जरिए करोड़ों अरबों की जमीन खरीद फरोख्त का है। इस कंपनी में रॉबर्ट वाड्रा व उनकी मां मोरीन वाड्रा निदेशक हैं। स्काइलाइट कंपनी से बीकानेर की जमीनें एलीजिनी फिनलेज कंपनी ने खरीद ली।

राजनीतिक रसूख का फायदा उठाते हुए वाड्रा की कंपनी ने सस्ती दरों पर जमीनें खरीदकर महंगी दरों पर बेच दीं। तब राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार थी। तब विधानसभा व लोकसभा चुनाव में बीकानेर जमीनी घोटाले को लेकर भाजपा ने बड़ा मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस को घेरा था। सत्ता में आने पर भाजपा ने इस घोटाले की जांच करवाने का वादा करते हुए इसका घोषणा पत्र में उल्लेख किया था।

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