Anya Smachar

बेंगलुरु में चीन निर्मित उच्च तकनीक वाले जासूसी ड्रोन जब्त

डीजेआई फैंटम -4 प्रो ड्रोन

बेंगलुरु। बेंगलुरू के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे केम्पेगौडा पर पिछले दिनों एक यात्री से चीन में बने दस ड्रोन जब्त किए गए हैं। ये ड्रोन आधा किलो के पेलोड के साथ 6,000 मीटर की दूरी पर उड़ सकते हैं और उन्नत उपग्रह नेविगेशन प्रणाली से लैस हैं। विशेषज्ञों के अनुसार डीजेआई फैंटम -4 प्रो डॉनोस एक गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा कर सकते हैं। अधिकारियों ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और बेंगलुरू और चेन्नई में छानबीन की जा रही है।





भारत में उपलब्ध अधिकांश ड्रोनों के मुकाबले, चीन निर्मित डीजेआई फैंटम -4 प्रो एक इंटेलिजेंट व्हीकल (कुशल संवाहक) है, जो बाधाओं को खोजने के लिए खुद ही कार्य कर सकता है और एक कुशल बैटरी प्रणाली से लैस भी है, जिसमें उन्नत सेटेलाइट नेविगेशन प्रणाली जीपीएस के साथ रूसी नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम (ग्लोनास) से भी जुड़ा है।

शहरी पुनर्वास और सर्विलांस मिशन के लिए उपयोगी साबित हो सकता है ड्रोन

यह हाई डेफिनेशन (एचडी) फोटो व वीडियो को लाइव स्ट्रीम कर सकता है, जिन्हें दो किलोमीटर की दूरी पर भी रिकॉर्ड किया जा सकता है और इसे कहीं से भी जिओ लोकेट किया जा सकता है। इंटेलिजेन्स विंग और वैज्ञानिकों और भारत के राष्ट्रीय यूएवी कार्यक्रम पर काम करने वाले विशेषज्ञों के सूत्रों का कहना है कि उपयोग की दृष्टि से डीजेआई फैंटम -4 प्रो शहरी पुनर्वास और निगरानी मिशन को पूरा करने के लिए एक आदर्श साधन है। जिस चीज ने विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया गया है वह इस ड्रोन में टैप-बाय-यूज सुविधा है, जिससे उपयोगकर्ता अपनी स्क्रीन पर किसी व्यक्ति को टैप और ड्रोन को लॉक कर सकता है।

वीआईपी मूवमेंट के लिए बन सकता है बड़ा खतरा

नेशनल मिशन फार माइक्रो एयर व्हीकल (एमएवी) के के. रामचंद्रा के अनुसार ऐसी मशीन एक बड़े खतरे का संकेत भी हो सकती है। इस ड्रोन के लॉक एंड ट्रैक फीचर खास तौर पर किसी वीआईपी मूवमेंट के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। इस मशीन की ऊंचाई अलग से चर्चा का विषय है। ये मशीन काफी छोटी है और इतनी ऊंचाई पर इसे बिना किसी विशेष उपकरणों के देख पाना काफी मुश्किल होगा।

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