Anya Smachar

कैप्टन अमरिन्दर सिंह : सियासत की अंतिम जंग की तैयारी

सेना में शामिल होने के महज दो वर्ष के अन्दर 1965 की शुरुआत में उन्‍होंने इस्‍तीफ़ा दे दिया। बाद में पाकिस्‍तान से युद्ध छिड़ जाने की संभावनाओं की वजह से 1966 की शुरुआत में फिर से सेना में शामिल हुए और युद्ध समाप्‍ति के बाद फिर से इस्‍तीफ़ा दे दिया।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह इस समय सुर्खियों में हैं पंजाब चुनाव के कारण। अगर पंजाब में कांग्रेस चुनाव जीतती है तो मुख्यमंत्री अमरिन्दर ही होंगे, यह ऐलान हो चुका है। एक और ऐलान खुद अमरिन्दर ने किया है कि यह मेरा आखिरी चुनाव है। महाराजा पटियाला के बेटे कैप्टन अमरिन्दर सिंह का जन्म 11 मार्च 1942 को पटियाला में हुआ। वह एनडीए और आईएमए से शिक्षा प्राप्त करने के बाद 1963 में सेना में भर्ती हुए। कैप्टन अमरिन्दर ने 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में हिस्सा लिया था। उस समय वह लेफ्टिनेंट जनरल हरबख्श सिंह (GOC-in-West Command) के एडीसी (सहायक) थे।





सेना में शामिल होने के महज दो वर्ष के अन्दर 1965 की शुरुआत में उन्‍होंने इस्‍तीफ़ा दे दिया। बाद में पाकिस्‍तान से युद्ध छिड़ जाने की संभावनाओं की वजह से 1966 की शुरुआत में फिर से सेना में शामिल हुए और युद्ध समाप्‍ति के बाद फिर से इस्‍तीफ़ा दे दिया।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

  • कैप्टन अमरिन्दर सिंह 1980 में सांसद बने और 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद अकाली दल से विधानसभा चुनाव लड़ा और मंत्री भी रहे।
  • 1992 में अकाली दल का साथ छोड़कर उन्होंने अपनी पार्टी शिरोमणि अकाली दल (पंथिक) बनाई और चुनाव लड़े लेकिन हार मिली। उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कराया और फिर से कांग्रेस में शामिल हुए।
  • 1999 से 2002 तक कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्‍यक्ष रहे।

  • 1998 विधानसभा चुनाव में उन्होंने पटियाला से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा लेकिन हार गए।
  • 26 फरवरी 2002 से 1 मार्च 2007 तक वह पंजाब के मुख्‍यमंत्री रहे।
  • दो बार पंजाब कांग्रेस के अध्य़क्ष रह चुके हैं। उन्होंने 2014 में बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली को अमृतसर से 90 हजार से ज्यादा वोट से लोकसभा चुनाव में हराया।
  • उनकी पत्नी परिनीत कौर पटियाला लोकसभा सीट से सांसद थीं और विदेश राज्य मंत्री भी रही हैं
  • परिनीत की बहन पूर्व आईपीएस अधिकारी और अकाली दल (अमृतसर) के नेता सिमनजीत सिंह मान की पत्नी हैं।
  • कैप्टन अमरिन्दर सिंह की बड़ी बहन हरमिन्दर कौर पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस नेता नटवर सिंह की पत्नी हैं।
  • बेटे रणिन्दर सिंह ने दो बार कांग्रेस से चुनाव लड़ा लेकिन दोनों ही बार उनकी हार हुई।
  • उन्होंने जाटों के लिए ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण की मांग उठाई।

कई किताबों के लेखक:

कैप्टन अमरिन्दर लेखक भी हैं। वह कई किताबें लिख चुके हैं जिनमें ज्यादातर के विषय सेना और युद्ध से जुड़े हैं।

उनकी किताबों में ए रिज टू फॉर, लेस्ट वी फॉरगेट, दि लास्ट सनसेट: राइज एंड फॉल ऑफ लाहौर दरबार, दि सिख्स इन ब्रिटेन: 150 ईयर्स ऑप फोटोग्राफ्स, हॉनर एंड फिडेलिटी: इंडियाज मिलिट्री कॉन्ट्रीब्यूशन टू दि ग्रेट वार 1914 टू 1918, दि मॉनसून वॉर: यंग ऑफीसर्स रिमिन्स-1965 इंडिया-पाकिस्तान वार (1965 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित) मुख्य हैं।

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