Aapni Baat

आतंकियों का दुस्साहस या कायरता?

कश्मीरी नौजवान लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की जिस तरीके से आतंकवादियों ने हत्या की है उसे दुस्साहस कहा जाए या कायरता, इसे अपनी अपनी सोच से परिभाषित किया जा सकता है। तीन दशक से भी ज्यादा अरसे से आतंकवाद का जहर पी रहे इस धरती के स्वर्ग में ये कत्ल आतंकवाद से निपटने के नजरिए को बदलने की क्षमता रखता है। यहां आतंकवाद के दौर में ऐसी वारदात बहुत ही कम हुई हैं। लेकिन घर से एक फौजी को निकालकर उठा ले जाना और गोलियों से छलनी करके फेंक देना उन लोगों के जेहन में आतंकवादियों के प्रति घृणा के बीज पैदा करने जैसा है जो भारत की अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा की खातिर अपने परिवारों से मीलों दूर मुश्किलों भरे हालात का सामना करते हुए यहां तैनात हैं।





दरअसल आतंकवादियों ने इस तरीके से फैयाज की जान लेकर ये भी साबित कर दिया है कि वो अब तक कथित आजादी या जेहाद के नाम पर जो मोर्चाबंदी करते रहे, उसमें कमजोरी आ गई है। उन्हें अपने पांव उखड़ते नजर आने लगे है। बड़ी तादाद में कश्मीरी नौजवानों का सेना, सुरक्षाबलों और पुलिस संगठनों में भर्ती होना आतंकवाद के लिए मुंहतोड़ जवाब है और इसका कोई इलाज जब इन हिंसक लोगों से नहीं हुआ तो उन्होंने उन नौजवानों को डराने का ये हथकंडा आजमाया। ऐसे में हालात यहां और चुनौती पूर्ण हो गए हैं।

लेफ्टिनेंट उमर फैयाज

लेफ्टिनेंट उमर फैयाज (फाइल फोटो)

शहीद लेफ्टिनेंट उमर फैयाज को पूरे सैनिक सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया

वहीं इस घटना से ये भी इशारा मिल रहा है कि भारतीय सुरक्षा बलों का आतंकवादियों पर जबरदस्त दबाव है और इन बलों से मुकाबला करने के उनके साधन या तो कम हो रहे हैं या उन्हें मिलने वाला समर्थन कम हो रहा है।

लगता है इस उमर फैयाज की जान लेकर आतंकी कश्मीरियों को संदेश देना चाहते हैं कि वो यहां की आवाम के खिलाफ नहीं है लेकिन सेना और पुलिस या यूं कहें कि वर्दीधारियों के खिलाफ हैं। इस खूनी खेल की कुंठित आतंकनीति भले ही कुछ अस्थाई असर दिखाए लेकिन इसका असर उल्टा ही होना तय है। कश्मीरी आवाम तो अब आतंकवादियों से नफरत करेगी ही, सुरक्षा बल अब आतंकवादियों के प्रति और खतरनाक होने वाले हैं। इस तरह की हवा अब बहने से रुकने वाली नहीं। यह समझने के लिए साउथ वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टीनेंट जनरल अभय कृष्णा का यह कहना काफी है, “मैं उनके परिवार को आश्वस्त करता हूँ कि ऐसा घिनौना और कायराना अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”

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