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अमृतसर जेल में रची ये कहानी, अब क्या होगा हिना का ?

अमृतसर: बिना गलती के वह मासूम पिछले 10 साल से जेल में थी। पाकिस्तानी मां की कोख से भारतीय जेल में जन्मी हिना अब अपनी मां और मौसी के साथ रिहा कर दी गई है। उन्हें ट्रांजिट कैंप में रखा गया है। विदेश मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद इन्हें पाकिस्तान भेज दिया जाएगा। लेकिन हिना के लिए मुश्किलें हो सकती हैं क्योंकि एक सबसे बड़ी चुनौती यह है कि आखिर हिना किसकी बेटी है? भारत की या फिर पाकिस्तान की? क्योंकि वह तो भारत में पैदा हुई है और इस नाते वह भारतीय नागरिक हुई। ऐसे में उसे जहां पैदा हुई (भारत में) वहाँ पासपोर्ट-वीजा के लिए और जहां जा रही (पाकिस्तान) वहाँ नागरिकता के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।





उनकी रिहाई में सबसे बड़ा रोल अगर किसी ने अदा किया तो वह हैं नवतेज सिंह। नवतेज सिंह ‘सरबत दा भला’ एनजीओ के सदस्य हैं जिन्होंने चार लाख की रकम जुर्माने के रूप में भरी और हिना, उसकी मां और मौसी को रिहाई मिल सकी।

मामला पंजाब के अमृतसर का है, जहां दस साल की हिना पाकिस्तानी है या हिन्दुस्तानी, यह तय होना बाकी है। हिना वैसे तो हेरोइन तस्करी के आरोप में सजा काट चुकी पाकिस्तानी महिला फातिमा बेगम की वह संतान है, जिसे उसने अमृतसर सेंट्रल जेल (गुमटाला) में जन्म दिया था।

अमृतसर की इसी जेल में मां और मौसी के साथ बंद थी हिना

जेल में वंदेमातरम गाती है, नमस्ते, सतश्रीअकाल कहती है और जेल के स्टाफ को जय हिन्द

हिना का जन्म साल 2007 में हुआ। जब फातिमा बेगम को गिरफ्तार किया गया था तब वह चार माह की गर्भवती थीं। जेल में फातिमा ने हिना को जन्म दिया, तो महिला कैदियों ने जश्न मनाया। जेल स्कूल में ही हिना पढ़ने भी लगी। वह सबकी लाडली जेल की बेटी बन गई। हिना भारत या पाकिस्तान में भेद नहीं जानती। उर्दू छोड़ पंजाबी, हिन्दी व अंग्रेजी जानती है। वंदेमातरम गाती है। नमस्ते, सतश्रीअकाल कहती है और जेल के स्टाफ को जय हिन्द।

2007 में गिरफ्तार हुई थी हिना की मां और मौसी

साल 2007 में फातिमा बेगम अपनी बहन मुमताज के साथ अटारी रेलवे स्टेशन पर समझौता एक्सप्रेस से पहुंची थी। सीमा शुल्क विभाग ने दोनों के पास से जाली भारतीय करेंसी बरामद की गई थी। फातिमा बेगम व मुमताज का सामान सीमा शुल्क विभाग ने जब्त कर लिया था।

इसी दौरान पाकिस्तान से एक मुसाफिर को वाटर कूलर में हेरोइन छिपाकर लाते पकड़ गया। इसलिए सीमा शुल्क विभाग ने ऐसे आरोपियों के सामान की दोबारा तलाशी शुरू की, जिन पर तस्करी का आरोप था। तलाशी के दौरान मुमताज व फातिमा के वाटर कूलर से भी हेरोइन बरामद हुई। दोनों को कोर्ट ने दस-दस साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही चार लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया।

मां और मौसी के साथ हिना

जुर्माना न भरने की स्थिति में चार साल की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ती। दोनों की सजा नवंबर 2016 में पूरी हो गई थी, लेकिन जुर्माने की रकम न होने से जेल में कैद थीं।

‘सरबत दा भला’ ने जमा कराई जुर्माने की रकम

रक्षाबंधन के दिन अक्सर हिना भारतीय भाईयों के कलाइयों पर राखी बांधा करती थी। अब हिना की राखी सजेगी नवतेज सिंह की कलाई पर। नवतेज सिंह ने ‘सरबत दा भला’ टीम के साथ एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा के नेतृत्व में जेल प्रबंधन से मिलकर जुर्माने की करीब चार लाख रुपये की रकम गुरुवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में जमा करवाई। एडवोकेट चब्बा कहती हैं कि रकम जमा होने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत हिना व उसके परिवार को कोठरी के बजाए ट्रांजिट कैंप में रखा जाएगा।

कानूनन हिंदुस्तानी है हिना

जुर्माना भरकर उसे रिहा कराने के साथ ही फातिमा को पाकिस्तान भेजने में जुटी एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा कहती हैं कि हिना का जन्म भारत में हुआ है कानूनन तो वह हिन्दुस्तानी है। अब देखना यह है कि जेल की इस बेटी को पाकिस्तान भेजते समय राष्ट्रीयता के आगे क्या लिखा जाता है। हिना के लिए समझौता करने को दोनों मुल्कों को आगे आना चाहिए। वहीं जुर्माना भरने वाले नवतेज सिंह कहते हैं कि हिना के लिए वह हर जंग लड़ने को तैयार हैं। चाहे सिंह इज किंग बनके या फिर बजरंगी भाई जान।

खुशी है जल्द जेल की दीवारों से छुटकारा पा लेगी हिना : जेलर

जेलर आशीष कपूर कहते हैं कि हिना जेल की बेटी है। उसकी पढ़ाई से लेकर अन्य खर्च जेल की तरफ से है। क्योंकि हिना का कसूर कोई नहीं है। उसे दिन के समय जेल में महिला बैरकों में कहीं भी आने-जाने पर मनाही नहीं है। हिना जेल की खुशरंग हिना है। खुशी है कि हिना जेल की दीवारों से जल्द छुटकारा पा लेगी।

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