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जानिए, अनशन पर क्यों बैठे जिला जेल सुल्तानपुर के कैदी

सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिला जेल में बंदियों की मारपीट के मामले को ठंडा होने में अभी एक सप्ताह भी नहीं बीता कि अब बंदियों ने जेल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आमरण-अनशन शुरू कर दिया है। कैदियों ने जेल प्रशासन पर भोजन की गुणवत्ता को लेकर गम्भीर आरोप लगाए।





बंदी जेल के अंदर खराब खाना परोसे जाने और अव्यवस्थाओं के मुद्दे पर जेल प्रशासन के खिलाफ आक्रोशित हो गए हैं। इस बीच बंदियों ने अपनी मांगो को लेकर अनशन शुरू कर दिया है। वहीं बंदियों द्वारा किये जा रहे अनशन की जानकारी पर जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।

जेल प्रशासन ने पहले बंदियों को समझाने-बुझाने की कोशिश की लेकिन बंदी जिद पर अड़े रहे। मामला बिगड़ता देख जिला प्रशासन के अधिकारियों ने जेल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने जेल मैनुअल के हिसाब से बंदियों को सारी सुविधायें देने का आश्वासन दिया तब जाकर बंदी माने।

मिली जानकारी के मुताबिक, कारागार के बैरक नम्बर 7 और 8 के कुछ बंदियों ने जेल में खाना-खाने से इंकार कर दिया और अनशन पर बैठ गए। जेल में अनशन की सूचना पर डीएम एस. राजलिंगम ने एडीएम (प्रशासन) शेषनाथ को जेल के हालात जानने के लिए भेजा। एडीएम ने जेल पहुंचकर अनशनकारी बन्दियों से बात की। बन्दियों ने एडीएम से जेल प्रशासन द्वारा घटिया खाना दिए जाने की बात कही।

बंदियों के अनुसार जेल में पंखे, शौचालय समेत तमाम अव्यवस्थायें हैं, जिन पर जेल प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। एडीएम ने उन्हें समझा कर जेल मैनुअल के हिसाब से सुविधाए मुहैया कराने का आश्वान दिया। इस पर बंदियों ने अनशन समाप्त किया।

‘एसडीएम ने जेल में विजिट किया था जो अक्सर होता रहता है। जिले के आलाधिकारी जेल में समय-समय पर विजिट करते रहते हैं। बंदियों के अनशन की बात गलत है। बंदियों में किसी प्रकार का कोई रोष नहीं है। उन्हें जेल मैन्युअल के अनुसार ही खाना दिया जाता है। बंदियों को 6 रोटी, दाल, सब्जी, चावल (दोनों टाइम), सुबह चाय, दो दिन सुबह नाश्ते में दलिया, तीन दिन चने और दो दिन ब्रेड दिया जाता है।’-प्रमोद शुक्ला (जेल अधीक्षक, जिला कारागार सुल्तानपुर)

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