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यूपी की इस जेल के नाम से खौफ खाते हैं कैदी, जानें ‘नैनी जेल’ से जुड़ी 11 खास बातें

अपराधी इस जेल के नाम से खौफ खाते हैं। इस जेल में देश व प्रदेश के सबसे खूंखार कैदियों को रखा जाता हैं। लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मोहम्मद जैसे खुंखार आतंकवादी संगठनों से जुड़े आतंकी भी यहां कैद हैं। यही नहीं, स्वतंत्रता-संग्राम के दौरान पंडित जवाहर लाल नेहरु ने इसी जेल से अपनी पहली किताब लिखी थी। यह वही जेल है जहां ‘काकोरी काण्ड’ के क्रांतिकारियों को कैद किया गया था। आज हम आपको बता रहे हैं बेहद हाई स्क्योरिटी और चाक-चौबंद सुरक्षा वाली उत्तर प्रदेश के इलाहबाद स्थित ‘नैनी जेल’ से जुड़ी ऐसी ही कुछ खास बातें :-





ब्रिटिश राज में इस नाम से पहचानी जानी जाती थी ‘नैनी जेल’

3,000 कैदियों की क्षमता नैनी सेंट्रल जेल क्षेत्रफल की दृष्टि के अनुसार भारत की चौथी सबसे बड़ी जेल है। यह जेल भारत की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक मानी जाती हैं। यह देश की सबसे पुरानी जेलों में से एक है। ब्रिटिश साम्राज्य के दौरान यह जेल ‘कैदखाना के रूप में प्रसिद्ध थी।

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