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महिला कैदियों को ओपन जेल सुविधा पर जवाब तलब

नई दिल्ली। महिला कैदियों को तिहाड़ जेल में सेमी ओपन और ओपन जेल की सुविधा न दिए जाने पर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की खंडपीठ ने उपराज्यपाल, दिल्ली सरकार और तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब मांगा है। हाई कोर्ट ने सभी पक्षों से 15 नवंबर तक जबाव दाखिल करने को कहा है।





सुविधा  का न होना रूढि़वादी सोच को जाहिर करता : हाई कोर्ट

सूत्रों के मुताबिक मामले की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि सरकार यह स्पष्ट करे कि महिलाओं को यह सुविधा क्यों नहीं दी जाती? यह रूढि़वादी सोच को जाहिर करता है। हाई कोर्ट ने वकील सुनील गुप्ता की याचिका पर यह निर्देश दिया है। उन्होंने याचिका में सेमी ओपन जेल की सुविधा से महिला कैदियों को वंचित रखने के लिए जारी दिशा-निर्देश को रद्द करने की माग की गई है। याचिका में जेल प्रशासन के इन नियमों को महिला कैदियों के साथ भेद-भावपूर्ण बताया गया है।

गौरतलब है कि सेमी ओपन और ओपन जेल में सजा काट रहे कैदियों को दिन में जेल से बाहर जाकर काम करने और शाम को एक निश्चित समय तक उन्हें वापस जेल में आने की छूट मिलती है, जिसमें महिला कैदी शामिल नहीं हैं।

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