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दिन में बाहर ड्यूटी, रात में सजा काटेंगे तिहाड़ के ‘सुपर 6’

नई दिल्ली: तिहाड़ जेल में बंद उम्रकैद की सजा पाए छह कैदी अब दिन में जेल से बाहर नौकरी कर सकेंगे। लेकिन उन्हें रात जेल में ही बितानी पड़ेगी। तिहाड़ की चुनाव समिति ने इन कैदियों के अच्छे चाल-चलन को देखते हुए इसकी इजाजत दी है।





जिन छह कैदियों का चुनाव किया गया है वह सभी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। अब इन्हें सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक जेल के बाहर दिल्ली में कहीं भी नौकरी करने की आजादी दी गई है लेकिन उन्हें रात जेल में ही बितानी होगी। बताया जाता है कि तिहाड़ जेल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। जब सजा काटते कुछ कैदियों को जेल की सलाखों से बाहर जाने का ग्रीन सिग्नल दिया गया हो।

जेल से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, जिन छह कैदियों का चुनाव किया गया है वह सभी यहां तिहाड़ जेल हेडक्वॉर्टर के करीब बनी सेमी ओपन जेल में थे। हत्या और इसी तरह के खतरनाक जुर्म करके जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे इन कैदियों ने पहले 12 साल तिहाड़ की जेल नंबर-2 में काटे। इसके बाद इनका व्यवहार ठीक होने पर इन्हें सेमी ओपन जेल में शिफ्ट कर दिया गया। सेमी ओपन जेल में फिलहाल 78 कैदियों को रखा गया है। यहां कैदियों को रहने के लिए फ्लैट दिए गए हैं और काफी हद तक अपनी मनमर्जी की जिंदगी जीने की आजादी भी।

चुनाव समिति की 8 मार्च 2017 को इस मामले में मीटिंग हुई थी। इसमें यह तय किया जाना था कि सेमी ओपन जेल के कितने कैदियों को इस तरह का ग्रीन सिग्नल दिया जा सकता है कि वह जेल से बाहर किसी फैक्ट्री, शॉप या अन्य किसी फर्म में काम कर सकें? समिति ने इसमें सभी 78 कैदियों का ट्रैक रिकॉर्ड देखकर इनमें से इन छह कैदियों को ओपन जेल के बाहर जॉब करने पर अपनी सहमति जताई। समिति ने यह आदेश 5 अप्रैल को दिए।

जेल प्रशासन भी नौकरी दिलाने में करेगा मदद

सूत्रों के मुताबिक, इन कैदियों से कहा गया है कि वे चाहें, तो खुद अपनी कहीं भी जॉब लगवा सकते हैं। अगर वे ऐसा कर पाने में सफल नहीं हो पाते हैं, तो जेल प्रशासन उनकी मदद करेगा। इसके लिए फिर जेल प्रशासन कुछ ऐसी जगह इन कैदियों की नौकरी लगवाने की बात करेगा, जहां ये आसानी से जॉब कर सकते हों।

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