Jails

मैनपुरी जेल काण्ड में जेलर समेत छह निलंबित किए गए

मैनपुरी जेल

होली के दिन जहां पूरा देश जश्न में डूबा हुआ था वहीं मैनपुरी जिला जेल की दीवार तोड़कर खूंखार कैदी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गए। भागने वालों में एक शामली का शार्प शूटर भी शामिल है।

मैनपुरी। होली के दिन मैनपुरी जिला जेल की दीवार तोड़कर भागे चार कैदियों के मामले में हुई शुरुआती जांच में घटना के लिए जेलर सुरेश मिश्रा और बन्दीरक्षक चेतराम, ओम नरायन, भारतेश कुमार, रेश्जियो तथा श्रीकृष्ण गुर्जर को दोषी माना गया है। बन्दीरक्षकों को वरिष्ठ जेल अधीक्षक आगरा एसएचएन रिजवी ने निलंबित कर दिया है जबकि जेलर सुरेश को एडीजी जेल जीएल मीणा ने निलंबित करने का आदेश दिया है।





फरार कैदी

मैनपुरी जेल से भागे कैदी

जेल प्रशासन को धता बताकर फरार हुए चारों बंदी शातिर किस्म के अपराधी हैं। सभी के खिलाफ अलग-अलग जिलों में गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें एक नकली नोटों का सौदागर है तो एक शातिर लुटेरा, तीसरे को हत्या के दो मामलों में उम्रकैद की सजा दी जा चुकी है जबकि चौथा शातिर नाबालिग किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के मामले में सजा भुगत रहा है।

इनमें जिला शामली का रहने वाला मुन्शाद पुत्र शाहदीन शातिर अपराधी है। अपराध जगत में वह आशु उर्फ़ पहलवान उर्फ़ फारुख के नाम से भी जाना जाता है। दूसरा राजेन्द्र सिंह भी कई नाम से जाना जाता है। वह जिला अल्मोड़ा का रहने वाला है। उसे डॉक्टर उर्फ़ रावत उर्फ़ विक्रम के नाम से जाना जाता है। वह हत्या के दो मामलों में उम्रकैद की सजा भुगत रहा था। तीसरा नकली नोटों का कारोबार करने वाला सुनील है। वह जिला जालौन का है। चौथा फिरोजाबाद का योगेश है। उसने एक नाबालिग किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म किया था।

 

Comments

Most Popular

To Top