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अगले साल चीन के राष्ट्रपति शी भारत आएंगे

पीएम मोदी और शी जिनपिंग

नई दिल्ली। भारत और चीन के शिखऱ नेताओं के बीच अगली अनौपचारिक बैठक के लिये चीन के राष्ट्रपति शी चिन फिंग को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत आने के लिये आमंत्रित किया है।





शुक्रवार को शिखर बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह यह उम्मीद करते हैं कि इस तरह की अनौपचारिक शिखर बैठकें भारत और चीन के रिश्तों में एक परम्परा बन जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी होगी यदि 2019 के दौरान भारत में भी इसी तरह की अनौपचारिक शिखर बैठक हो। दूसरी ओर राष्ट्रपति शी ने भी कहा कि वह यह चाहेंगे कि इस तरह की और अनौपचारिक शिखर बैठकें होती रहें। राष्ट्रपति शी ने कहा कि हमें विश्व शांति और विकास के लिये मजबूत योगदान करना है और उन्हें विश्वास है कि हम दोनों इस तरह की और शिखर बैठकें कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच दो हजार वर्षों के इतिहास में 1600 साल से अधिक तक भारत और चीन विश्व आर्थिक विकास के लिये इंजिन की भूमिका निभाते रहे हैं।

इस शिखर बैठक के पहले चीन के रक्षा मंत्रालय ने भारत के साथ रक्षा क्षेत्र में भरोसे का माहौल बनाने पर जोर देकर यह संकेत दिया कि चीन भारत के साथ सैन्य क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण रिश्ते बनाने को उत्सुक है।

वूहान शहर में चीन द्वारा की गई जबर्दस्त आवभगत से प्रधानमंत्री मोदी इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने ट्वीट कर यह टिप्पणी की कि राजधानी पेइचिंग से बाहर राष्ट्रपति शी ने दो बार उनकी अगवानी की। शुक्रवार को राष्ट्रपति शी प्रधानमंत्री मोदी से वूहान के ईस्ट लेक गेस्ट हाउस में मिले और उसके बाद दोनों नेताओं ने आपस में गुफ्तगू की।

प्रधानमंत्री मोदी ने अनौपचारिक शिखर बैठक के दौरान राष्ट्रपति शी से कहा कि इससे काफी सकारात्मक माहौल बना और आपने इसमें व्यक्तिगत योगदान दे कर बड़ी भूमिका निभाई। दोनों नेताओं के बीच अकेले में बातचीत के बाद दोनों की अगुवाई में शिष्टमंडल स्तर की बातचीत भी हुई।

राष्ट्रपति शी औऱ प्रधानमंत्री मोदी के बीच बातचीत का कोई खास मुद्दा तय नहीं किया गया है। दोनों पक्षों ने कहा है कि दोनों नेता एक दूसरे की रुचि के सभी मसलों पर विस्तार से बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार रात को चीन के वूहान शहर पहुंचे।

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