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कहानी उस महारानी की, जो चलाती थी सेना के ट्रक, बदलती थी पहिये

Elezabeth II

एलिजाबेथ अलेक्जेंडरा मैरी, जी हां, यही है ब्रिटेन की महारानी का पूरा नाम, आज लोग इन्हें एलिजाबेथ द्वितीय के नाम से जानते हैं। 21 अप्रैल 1926 को जन्मी एलिजाबेथ प्रिंस एल्बर्ट ड्यूक की पहली संतान थीं। उनके जन्म के समय यह कोई नहीं जानता था कि वह एक दिन एक साम्राज्य पर राज करेंगी। आपको जानकर हैरानी होगी कि वह कभी स्कूल नहीं गर्इं लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वह सेना में भी अपनी सेवाएं दे चुकीं हैं और एक मैकेनिक व ड्राइवर के तौर पर काम कर चुकी हैं।





ब्रिटेन की महारानी ने चलाए थे सेना के ट्रक

Queen Elizabeth II

(फाइल फोटो )

 

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इंग्लैंड में, ज्यादातर पुरुष युद्ध में लड़ रहे थे और गैर-कट्टरपंथी लोगों के लिए युद्ध संबंधी नौकरियां उपेक्षित थीं। इसलिए युद्ध में पुरुषों की संख्या कम हो गई तब ब्रिटिश सेना ने 1938 में गठित सहायक क्षेत्रीय सेवा में महिलाओं को भर्ती करने का फैसला किया, जैसे ही युद्ध की स्थिति बिगड़ी तो ऑक्सिलरी टेरिटरी सर्विस (ATS) के आकार में वृद्धि हुई। यहां महिलाओं को ड्राइवर, बेकर, डाक कर्मचारियों, गोला-बारूद निरीक्षकों और यांत्रिकी के रूप में भर्ती किया जाने लगा।

विश्व युद्ध शुरू हुआ तो लंदन से बाहर भेज दिया गया

Queen Elizabeth II

(फाइल फोटो )

3 सितंबर 1939 को द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ, सुरक्षा को देखते हुए उन्हें लंदन से बाहर भेज दिया गया। उस समय वह सिर्फ 18 साल की थीं और युद्ध में अपना योगदान देने के लिए काफी उत्सुक थीं, लेकिन उनके पिता किंग जॉर्ज छठे ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी थी। फरवरी 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त होने के कुछ ही माह पहले राजकुमारी एलिजाबेथ ATS में शामिल हुईं थी। राजकुमारी को अपने पिता को मनाने में कई माह लग गए थे। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ऑक्सिलरी टेरिटरी सर्विस (ATS) की एकमात्र विशेष रूप से प्रसिद्ध महिला सदस्य थीं, जो उस समय राजकुमारी एलिज़ाबेथ थीं।

गाड़ियों के पहिये बदलना भी था राजकुमारी का काम 

Queen Elizabeth II

(फाइल फोटो )

यहां उन्होंने ड्राइवर और मैकेनिक के रूप में प्रशिक्षित किया गया था। ये पहली बार था जब एलिजाबेथ दूसरे प्रशिक्षणार्थियों के साथ प्रशिक्षण ले रही थीं। इस प्रशिक्षण में राजकुमारी का काम गाड़ियों के पहिये बदलना, इंजन की देख-रेख करना, सैन्य ट्रकों व एम्बुलेंस चलाना आदि प्रशिक्षण शामिल थे। यहां पांच माह में उनकी ट्रेनिंग पूरी हुई और कुछ समय बाद उन्हें जूनियर कमांडर बनाया गया।

साथियों को खुश होकर दिखाती थीं अपने गंदे हाथ 

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(फाइल फोटो )

एक शाही परिवार से संबंध होते हुए भी एलिजाबेथ को युद्ध क्षेत्र में कपड़ों पर धूल लगना, तेल व ग्रीस के दाग लगना और हाथ गंदे होने से कोई एतराज नहीं था। उन्हें ये काफी पसंद था और वे साथियों को कई बार खुश होकर अपने गंदे हाथ दिखाती थीं। अपनी सेवाओं के दौरान राजकुमारी मिलिट्री के ट्रकों को ठीक करती थीं और सेना के बड़े ट्रकों को चलाती थीं। घायल सैनिकों को एम्बुलेंस में डालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद करती थीं।

 रॉयल रेजिडेंस पर ही सोने जाती थीं  

Queen Elizabeth II

(फाइल फोटो )

काम के दौरान गंदा होने के बावजूद एलिजाबेथ ने अपनी रॉयल्टी को बनाए रखा और वह अपने काम के बाद हर रात विंडसर में रॉयल रेजिडेंस पर ही सोने जाती थीं। वह अभी तक किसी भी रॉयल फैमिली की युद्ध क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने वाली पहली सदस्य हैं। द्वितीय विश्व युद्ध में अपनी सेवा देने वाली वह अपने राज्य की पहली जीवित सदस्य हैं।

1947 में राजकुमारी ने प्रिंस फिलिप ऑफ ग्रीस के साथ विवाह किया। उनका विवाह समारोह लंबे युद्ध के कई दुखद वर्षों के बाद एक खुशी का जश्न था। 7 फरवरी 1952 में किंग जॉर्ज छठे का लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया और एलिजाबेथ को ब्रिटेन की महारानी घोषित कर दिया गया।

एलिजाबेथ II के बारे में कुछ और खास

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(फाइल फोटो )

 

एलिजाबेथ द्वितीय दुनिया की सबसे प्रसिद्ध महिला हैं। वह दुनिया के सबसे ज्यादा नेताओं से मुलाकात करने वाली महिला भी हैं। यही नहीं, उनसे ज्यादा यात्राएं इतिहास में किसी भी राजा या महारानी ने नहीं की हैं। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के 12 प्रधानमंत्रियों से मुलाकात कर चुकी हैं।

महारानी एलिजाबेथ ने अपना पहला टेलिविजन ब्रॉडकास्ट 1957 को क्रिसमस की संध्या को दिया था। क्वीन को कुत्तों से बेहद प्यार है। उनका पसंदीदा डॉग कॉर्गिस है, इसके अलावा वह लेब्राडोर और स्पेनिल्स को भी पसंद करती हैं।

 महारानी के जहाज कहलाते हैं रॉयल्स नौसेना के जहाज

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(फाइल फोटो )

एचआरएस किसी भी रॉयल परिवर की उच्चता का प्रतीक है जबकि एचएम यानी महामहिम का एकमात्र का तमगा महारानी एलिजाबेथ को दिया गया है। सभी रॉयल्स नौसेना के जहाज महारानी के जहाज कहलाते हैं जैसे कि एचएमएस ओशन। महारानी के प्रत्येक प्रशासनिक जन्मदिवस पर बंदूकों के फायर के साथ सलामी दी जाती है। उनका जन्म 21 अप्रैल का है लेकिन यह हमेशा जून में मनाया जाता है।

एलिजाबेथ ने अपने राशन कूपन को बचाकर एकत्र की गई रकम से ही अपनी विवाह की पोशाक का खर्च भरा था। इस साटन वैडिंग गाउन को नॉर्मन हार्टनेल ने डिजाइन किया था, इस ड्रेस में तकरीबन 10 हजार सफेद मोती लगाए गए थे और हाथीदांत के साथ कढ़ाई की गई थी। महारानी एलिजाबेथ ने अपने पति का कभी नाम नहीं लिया।

बिना पासपोर्ट के कर चुकी हैं 116 देशों का दौरा

Queen Elizabeth II

(फाइल फोटो )

60 वर्षों के शासनकाल में वह 116 देशों का दौरा कर चुकी हैं लेकिन उनके पास पासपोर्ट नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि सभी ब्रिटिश पासपोर्ट महारानी के नाम से ही जारी किए जाते हैं इसलिए उन्हें इसकी आवश्यकता नहीं पड़ती।

600 से भी ज्यादा चैरिटी आॅर्गेनाईजेशन की संरक्षक

क्वीन एलिजाबेथ

अब ऐसी दिखती हैं क्वीन एलिजाबेथ

अपने शासनकाल के दौरान वह अभी तक 3.5 मिलियन से भी ज्यादा चीजें प्राप्त कर चुकी हैं। महारानी बनने के पश्चात से उन्हें अभी तक 404,500 से भी अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा जा चुका है। एलिजाबेथ 600 से भी ज्यादा चैरिटी आॅर्गेनाईजेशन की संरक्षक हैं।

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