International

कुलभूषण मामले में पाकिस्तान क्यों गया ईरान की शरण में ?

कुलभूषण जाधव

इस्लामाबाद। भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव के मामले में पाकिस्तान हर तरह के हथकंडों का उपयोग करना चाहता है और साबित करना चाहता है कि वह एक भारतीय जासूस है। पड़ोसी देश ने अपनी नई चाल के तहत जाधव के बारे में ईरान से जानकारी मांगी है। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट से मिली।





पाकिस्तानी अखबार द न्यूज के अनुसार, पाक विदेश विभाग के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा कि ईरान से जाधव की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी मांगी गई है। लेकिन अभी तक ईरान सरकार या उसकी खुफिया एजेंसियों की ओर से इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

जकारिया ने कहा कि पाकिस्तान में जासूसी और आतंकवाद के आरोप में जाधव को फांसी की सजा सुनाई गई है। उन्होंने दावा किया कि जाधव को पाकिस्तान के कानून के तहत सजा सुनाई गई है और उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की भी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि भारत सख्त लहजे में पाकिस्तान को चेतावनी दे चुका है कि अगर जाधव को फांसी दी गई तो उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। जाधव से भारतीय राजनयिक की मुलाकात के प्रस्ताव को भी पाकिस्तान 14 बार खारिज कर चुका है।

सूत्रों की मानें तो कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा तो सुनाई गई, लेकिन पाकिस्तानी सेना की अदालत ने उन्हें कोई आरोप पत्र तक सौंपने की जहमत नहीं उठाई। भारतीय उच्चायुक्त गौतम बंबावले ने पाकिस्तानी विदेश सचिव तहमीना जंजुआ से मिलकर आरोप पत्र और फैसले की प्रति मांगी थी। इसके बाद पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने मीडिया के सामने कुलभूषण के खिलाफ दायर आरोप पत्र पढ़ा था, लेकिन सूत्रों का दावा है कि इस कथित आरोप पत्र में कोई तिथि और समय नहीं है।

Comments

Most Popular

To Top