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अमेरिका ने ‘थाड’ मिसाइल के जरिए किस पर साधा निशाना ?

थाड मिसाइल

अलास्का। अमेरिका ने इस मिसाइल का परीक्षण अलास्‍का के पेसेफिक स्‍पेसपोर्ट कॉम्‍प्‍लेक्‍स से किया गया है। इस परीक्षण को अमेरिका की उस चिंता से जोड़कर देखा जा रहा है जो उत्तर कोरिया ने कुछ दिन पहले अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइलों के परीक्षणों को देखते हुए अमेरिका ने उसको जवाब देने के मकसद से ‘थाड मिसाइल प्रणाली’ का टेस्‍ट किया है। इस परीक्षण को पूरी तरह से सफल बताया है।





उत्तर कोरिया ने यह परीक्षण 4 जुलाई को अमेरिका के स्‍वतंत्रता दिवस के दिन किया था। उस वक्‍त अमेरिका ने पहली बार माना था कि इस परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया, अमेरिका पर सीधा हमला करने में सक्षम हो गया है लिहाजा उसको अब खतरा बढ़ गया है। पहली बार भारत ने भी इस परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया को दुनिया के लिए खतरा बताया था।

ऐसे इंटरमीडिएट रेंज बैलेस्टिक मिसाइल (IRBM) को मार गिराया 

यूएस मिसाइल डिफेंस एजेंसी के अनुसार, परीक्षण के दौरान थाड के द्वारा अपनी ओर आ रही इंटरमीडिएट रेंज बैलेस्टिक मिसाइल (IRBM) को मार गिराया गया। इस मिसाइल को उत्तर कोरिया की उस मिसाइल की तरह ही डिजाइन किया गया था, जिसका परीक्षण हाल ही में उत्तर कोरिया ने किया है और जिससे अमेरिका को भी खतरा महसूस होने लगा है।

उत्तर कोरिया ने जिस मिसाइल परीक्षण के सफल होने का दावा किया है वह उसके मुताबिक अलास्‍का तक हमला करने में सक्षम है। थाड के इस सफल परीक्षण से उत्तर कोरिया की भी घबराहट जायज है।

‘THAAD’ की तैनाती 2013 में ही की जा चुकी थी

अमेरिकी मिसाइल थाड

अमेरिकी मिसाइल थाड

थाड के ताजा परीक्षण को लेकर प्‍लानिंग तो करीब एक माह पहले ही की गई थी, लेकिन उत्तर कोरिया के ताजा परीक्षण के बाद इसको अंजाम दिया गया है। अमेरिका ने थाड परीक्षण को लेकर माना है कि किसी भी आपात स्थिति में फंसने से पहले अपनी तरफ से तैयारियों को अंतिम अंजाम देने की कोशिश के तहत यह परीक्षण किया गया है। यहां पर ध्‍यान देने वाली बात एक यह भी है कि मई में अमेरिकी सरकार की तरफ से एक रिपोर्ट पेश की गई थी, जिसमें कहा गया था कि आईआरबीएम के खिलाफ थाड का पहले कभी परीक्षण नहीं किया गया है। अमेरिका ने प्रशांत महासागर में स्थित गुआम द्वीप पर थाड मिसाइल की तैनाती 2013 में की थी। इसकी तैनाती उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रोग्राम को देखते हुए ही यहां पर की गई थी।

यहां पर ध्‍यान देने वाली बात यह भी है कि गुआम द्वीप उत्तर कोरिया से करीब 35 किमी की दूरी पर स्थित है। इं‍टरमीडिएट रेंज बैलेस्टिक मिसाइल की मारक क्षमता करीब 3,000 से 5,500 किमी होती है। लेकिन उत्तर कोरिया अगर अमेरिका के मेनलैंड पर हमला करने की कोशिश करता है तो उसको इसके लिए अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल का प्रयोग करना होगा, जिसकी मारक क्षमता 5,500 किमी से अधिक होती है।

‘थाड’ को बनाने वाली है कंपनी लॉकहिड मार्टिन 

ताजा परीक्षण में एक C- 17 एयरक्राफ्ट से मिसाइल को छोड़ा गया था। इसके बाद थाड द्वारा इसको इंटरसेप्‍ट किया गया और खत्‍म कर दिया गया था। थाड को बनाने वाली कंपनी लॉकहिड मार्टिन का कहना है कि यह मिसाइल सिस्‍टम पृथ्‍वी के वातावरण के अंदर और बाहर से आने वाली मिसाइल को खत्‍म करने में पूरी तरह से सक्षम है। उत्तर कोरिया से बढ़ते तनाव के बाद अमेरिका ने इसी वर्ष दक्षिण कोरिया में भी इस मिसाइल सिस्‍टम को तैनात किया है।

हालांकि इसके वहां तैनाती के बाद से ही चीन ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया है। वह लगातार इसको अपने लिए खतरा बताकर, इसे वहां से हटाने की बात कह रहा है। उसका कहना है कि थाड के राडार उसके मिसाइल प्रोग्राम को भी भांप सकते हैं, लिहाजा यह उसके लिए भी खतरा है। जबकि अमेरिका का कहना है कि उसने यह मिसाइल प्रणाली यहां पर उत्तर कोरिया से आने वाली शॉर्ट रेंज मिसाइल को रोकने के लिए लगाई है।

‘थाड’ से जुड़ी कुछ खास जानकारियां

  • थाड- Terminal High Attitude Area Defence (THAAD) एक एंटी-बैलेस्टिक मिसाइल सिस्‍टम है।
  • थाड का मकसद अपनी ओर आ रही शॉर्ट रेजं, मीडियम रेंज, इं‍टरमीडिएट रेंज बैलेस्टिक मिसाइल और इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल को पता लगाकर खत्‍म करना है।
  • 1991 में हुए खाड़ी युद्ध के दौरान इस्‍तेमाल की गई स्‍कड मिसाइल के बाद इसको अमेरिका की मिसाइल डिफेंस एजेंसी के यूएस आर्मी प्रोग्राम के तहत तैयार किया गया है।
  • थाड को लॉकहिड मार्टिन कंपनी ने तैयार किया है।
  • थाड अपने साथ किसी तरह का वारहेड नहीं ले जाती है बल्कि दूसरी मिसाइल को इंटरसेप्‍ट कर एक काइनैटिक एजर्जी रिलीज करती है जिससे दूसरी मिसाइल नष्‍ट हो जाती है।
  • 1987 में इसका पहली बार जिक्र किया गया था लेकिन इसको लेकर पृष्‍ठभूमि 1991 के बाद तैयार हुई।
  • थाड के शुरुआती छह टेस्‍ट असफल रहने के बाद 10 जून 1999 को पहली बार इसका सफल परीक्षण किया गया था। इसके बाद 2 अगस्‍त 1999 को भी इसका सफल टेस्‍ट किया गया।
  • दक्षिण कोरिया के अलावा थाड को तुर्की, और यूएई में भी तैनात किया गया है।

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