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आतंकी मसूद अजहर को बचाने के मामले में अमेरिका ने चीन को चेताया

शी जिनपिंग और मसूद अजहर

नई दिल्ली। पुलवामा में आतंकी हमले के गुनाहगार मौलाना मसूद अजहर को बचाने के मामले में अमेरिका ने चीन को लताड़ लगाई है। चीन के द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अड़ंगा लगाने के बाद अब अमेरिका फ्रांस और ब्रिटेन ने खुद आगे बढ़कर इस मसले पर काम करने का मन बनाया है।





मीडिया खबरों के मुताबिक अब यह तीनों देश चीन को पीछे छोड़कर अन्य सदस्य देशों से प्रस्ताव पर बात करेंगे और समिति पर दबाव बनाएंगे।  जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आत्मघाती हमले के बाद दुनिया के कई देशों ने भारत का समर्थन किया था। तब अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकी मसूद अजहर के खिलाफ प्रस्ताव लाने की पहल की थी लेकिन चीन के अड़ंगे की वजह से यह कामयाब नहीं हो सका था।

एक बार फिर तीनों देशों ने प्रस्ताव के ड्राफ्ट को आगे बढ़ा रहे हैं। यह प्रस्ताव यूएनएससी के सभी सदस्यों को दिया गया है और सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। अगर इस प्रस्ताव पर देशों की सहमति बनती है तो आतंकी मसूद अजहर पर ट्रैवल बैन, संपत्ति सीज होना जैसी कई कार्रवाई हो सकती है।

इसके अलावा अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने भी ट्वीट कर चीन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा कि एक तरफ चीन अपने देश में मुस्लिमों को प्रताड़ित कर रहा है वहीं दूसरी ओर एक आतंकी संगठन की संयुक्त राष्ट्र में रक्षा कर रहा है।

बता दें कि चीन यूएनएससी का स्थायी सदस्य है जिसके कारण उसके पास वीटो पावर है। इसी कारण वह किसी भी प्रस्ताव को खारिज करने की क्षमता रखता है।

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