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अमेरिका ने सीरिया पर दागीं 60 मिसाइलें, रूस भड़का

अमेरिका का मिसाइल अटैक

दमिश्क। अमेरिका के सीरिया के संबंध में रणनीति बदलने के संकेतों के बीच पुराने रुख पर लौटते हुए सीरिया के एयरबेस पर तकरीबन 60 मिसाइलें दागी हैं। इसमें कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है और बड़े पैमाने पर संपत्तियों को नुकसा। दूसरी तरफ, रूस के रक्षा मंत्रालय के सरकारी टीवी पर जारी किए बयान के मुताबिक़ यह हमला नाकाम रहा और दावा किया कि सीरियाई अधिकारियों ने 36 टामहाक मिसाइलें देखीं जो बेस के बाहर गिरीं और लक्ष्य से भटक गईं। रूस ने यह भी कहा है कि अब वह सीरिया में अमेरिकी फौजों को सहयोग और संचार सुविधा रोक देगा। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल संदिग्ध रासायनिक हमलों के जवाब में अमेरिका के मजबूत और कड़े संदेश का समर्थन करता है।





पिछले छह साल से गृह युद्ध की मार झेल रहे सीरिया में पिछले दिनों बशर अल असद की सरकार पर अपने ही नागरिकों के खिलाफ रासायनिक हमले की खबरें आई थीं। उसमें 20 बच्‍चों समेत तकरीबन 100 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि सीरियाई सरकार ने इस तरह के किसी भी हमले से इनकार किया था। रूस की पुतिन सरकार ने भी सीरियाई सरकार के सुर में सुर मिलाया था।

हालांकि ट्रम्प सरकार के सत्‍ता में आने के बाद से अमेरिका ने सीरिया के संबंध में अपनी रणनीति बदलने का संकेत दिया था लेकिन रासायनिक हमले के बाद उसको फिर से ओबामा दौर की रणनीति पर लौटते हुए देखा जा रहा है। सीरियाई एयरबेस पर हमले को उसी का परिणाम माना जा रहा है।

दरअसल अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने हाल में ही कहा था कि सीरिया के राष्‍ट्रपति बशर अल असद सरकार जमीनी हकीकत है। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि असद सरकार को हटाने की रणनीति से अमेरिका पीछे हट सकता है लेकिन रासायनिक हमलों के बाद ट्रम्प ने कहा कि इस घटना ने उनको फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। संभवत: यह इसी बात का नतीजा है कि अमेरिका ने इस तरह का सीधा हमला सीरियाई सैन्‍य ठिकानों पर किया है। ओबामा दौर में अमेरिका, असद सरकार के खिलाफ लड़ रहे विद्रोहियों का समर्थक माना जाता रहा है।

उल्‍लेखनीय है कि पश्चिमोत्तर सीरिया के इदलिब प्रांत में भीषण रासायनिक हमले में कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। सीरियन ऑब्जरवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स (SOHR) ने बताया कि हमला इदलिब प्रांत के खान शयखुन कस्बे में हुआ। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमले के लिए इस्तेमाल किए गए विमान सीरियाई थे या सरकार के सहयोगी रूस के?

बहरहाल, संयुक्त राष्ट्र ने औपचारिक तौर पर इस भीषण रासायनिक हमले की जांच शुरू कर दी है। दुनिया भर के नेताओं ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।

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