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अमेरिका के इस AIRCRAFT CARRIER से थर-थर कांपेगा दुश्मन

शक्तिशाली विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड

नई दिल्ली। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को नॉरफॉल्क में अमेरिकी नौसेना के अब तक के सबसे शक्तिशाली विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड को कमीशन किया। एक लाख टन के इस युद्धपोत का कील 13 नवंबर 2009 को रखा गया था।





तैनात हो सकते हैं 75 से ज्यादा लड़ाकू विमान

शक्तिशाली विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड

पोत पर 75 से ज्यादा लड़ाकू विमान तैनात हो सकते हैं

इस पर 75 से ज्यादा लड़ाकू विमान तैनात हो सकते हैं। इसे 31 मई 2017 को नौसेना को सौंपा गया था, पर औपचारिक रूप से कमीशन इस शनिवार को किया गया। यह पोत नौसेना की सेवा में औपचारिक ऑपरेशंस पर सन 2020 के आसपास ही जाएगा।

कमीशन के वक्त पोत पर मौजूद थे 10,000 लोग

इस युद्धपोत के कमीशन समारोह में करीब 10,000 लोग उपस्थित थे। इस मौके पर राष्ट्रपति ट्रंप का विशेष विमान मैरीन वन विमानवाहक पोत के डैक पर उतरा। उनका स्वागत रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस, नौसेना के कार्यवाहक सेक्रेटरी सीन स्टैक्ली, नौसेना के ऑपरेशंस अध्यक्ष एडमिरल जॉन रिचर्डसन और यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टेन रिकमैकॉर्मैक ने किया।

शक्तिशाली विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड

शक्तिशाली विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड

दोस्त निर्भय होंगे, दुश्मन थर-थर कांपेंगे

इस मौके पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, यह पोत समुद्र में जिस दिशा में भी जाएगा, हमारे दोस्त निर्भय होंगे और दुश्मन डरकर थरथराने लगेंगे। सबकी जुबान पर होगा अमेरिका, अमेरिका आया। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी असली ताकत अमेरिकी जनता है। आप ही हमारे सबसे बड़े हथियार हैं। पूर्व राष्ट्रपति फोर्ड की बेटी सूसन फोर्ड में औपचारिक रूप से पोत की कमान नौसेना को सौंपी और इसके बाद नौसैनिक पोत में प्रवेश कर गए।

रूस भी बना रहा है सुपर कैरियर,‘स्टॉर्म

यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड

40 साल बाद शुरू हो रही है नई क्लास

यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड (सीवीएन 78) के साथ 40 साल बाद अमेरिकी विमानवाहक पोतों का नया क्लास शुरू हो रहा है। इसके साथ ही निमिट्ज क्लास के विमानवाहक पोतों को सेवा से हटाने का काम शुरू हो जाएगा। देश के 38वें राष्ट्रपति जेराल्ड आर फोर्ड नौसेना से जुड़े रहे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उन्हें नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर का पद मिला था। वे अमेरिका के लाइट कैरियर यूएसएस मोंटेरी (सीवीएल 26) पर तैनात थे।
अमेरिका के इस पोत के जवाब में रूस भी एक सुपर कैरियर बना रहा है, जिसका नाम है ‘स्टॉर्म।’ यह पोत 90 लड़ाकू विमान ले जाने में सक्षम होगा। इस प्रोजेक्ट का नाम 23E00E है। इसके तहत इस युद्धपोत को 2030 तक इस्तेमाल के लिए तैयार कर लिया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पोत भी यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड के डिजाइन को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

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