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पेट्रोल-डीजल के लिए तरसेगा उत्तर कोरिया, संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध कड़े किए

यूएन में राष्ट्रपति ट्रंप

वाशिंगटन। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नए प्रतिबंधों से उत्तर कोरिया की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नए प्रतिबंधों से उत्तर कोरिया का पेट्रोलियम आयात 90 फीसदी घट जाएगा। माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया पेट्रोल के लिए तरस जाएगा। प्रतिबंध का प्रस्ताव अमेरिका ने पेश किया था। प्रस्ताव के पक्ष में रूस और चीन ने भी हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के उत्तर कोरिया से व्यापारिक संबंध रहे हैं। नए प्रतिबंधों के तहत उत्तर कोरिया को डीजल और कैरोसीन सहित लगभग 90 फीसदी रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध से उत्तर कोरिया में पेट्रोलियम उत्पादों का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण के जवाब में नए प्रतिबंधों को स्वीकृति दी है। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने गत 19 नवंबर को मिसाइल परीक्षण किया था।





बता दें कि अमेरिका, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया पर पहले से ही कई अन्य प्रतिबंध प्रतिबंध लगा रखे हैं। वर्ष 2008 से ही अमेरिका उत्तर कोरियाई कंपनियों की संपत्तियां जब्त करने से लेकर वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात पर रोक जैसे तरह-तरह के प्रतिबंध लगाता रहा है।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निकी हेली ने नए प्रतिबंधों के पारित होने के बाद कहा कि उत्तर कोरिया को इससे साफ संदेश दिया गया है। इसके बाद भी अगर वह नहीं माना तो प्रतिबंध और कड़े किए जाएंगे तथा उसे अलग-थलग किया जाएगा। गत सितंबर में उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण के बाद परिषद ने पेट्रोलियम पदार्थों को उत्तर कोरिया जाने दिया था लेकिन नए प्रस्ताव के बाद पेट्रोलियम पदार्थों की कटौती को और बढ़ा दिया है। यदि उत्तर कोरिया कोरिया फिर भी बैलिस्टिक मिसाइल या परमामु टेस्ट करता है तो आज का प्रस्ताव सुरक्षा परिषद को और सख्त कार्रवाई करने के लिए अधिकृत करता है।

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