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ब्रिटिश संसद के बाहर आतंकी हमला, हमलावर समेत 4 की मौत, भारतीय सुरक्षित

लंदन अटैक

लंदन: ब्रिटेन की संसद के बाहर कल दोपहर 2.40 मिनट (स्थानीय समयानुसार) पर हुए आतंकी हमले के 24 घंटे के भीतर जांच के दौरान 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। ये गिरफ्तारियां अलग-अलग जगह मारे गए छापों के दौरान की गई। हमले में एक पुलिसकर्मी व एक महिला समेत चार लोगों की मौत हुई थी। इसमें दो नागरिक, एक सुरक्षाकर्मी और हमलावर शामिल है। मृत महिला का नाम आयशा फ्रेडे है और वह टीचर है। मृत पुलिसकर्मी का नाम कीथ पाल्मर (48 साल) है। वह संसदीय व राजनियक सुरक्षा सेवा का सदस्य है। वह ड्यूटी ख़त्म करके जा रहा था। वह 15 साल से सेवा में है। हमले में 29 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, इसमें सात लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन आईएस ने ली है। भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जानकारी दी कि हमले में किसी भारतीय को कोई नुकसान नहीं हुआ है।





आतंकी को वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने मार गिराया। बताया जाता है कि आतंकी के पास दो चाकू थे। उसकी पहचान कर ली गई है पर इसे अभी उजागर नहीं किया गया है। हमलावर युवक के बारे में ब्रिटिश खुफिया एजेंसी एमआई 5 पहले भी जांच-पड़ताल कर चुकी है और उसके बारे में एजेंसी के पास जानकारियाँ भी हैं। ये युवक हिंसक स्वभाव का था और ये बात पहले सामने आ चुकी थी।

बर्मिंघम के हेग्ले रोड इलाके का एक फ़्लैट उन आधा दर्जन ठिकानों में से एक है जहां जांच एजेंसियां इस हमले की छानबीन के दौरान छापे मार चुकी हैं।

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ब्रिटिश संसद के बाहर आतंकी हमले से ठीक पहले वेस्टमिंस्टर ब्रिज पर आतंकियों की इसी ग्रे रंग की हुंडई आई 40 कार ने कई लोगों को रौंद डाला। इसमें एक महिला की मौत हो गई।

घटनाक्रम के अनुसार संसद के बाहर आतंकी हमले से ठीक पहले वेस्टमिंस्टर ब्रिज पर ग्रे रंग की हुंडई आई 40 कार तेज रफ़्तार से आई और लोगों को रौंदती हुई वेस्टमिंस्टर पैलेस की बाहरी दीवार की रेलिंग के पास जाकर रुक गई। यह जगह हाउस ऑफ ला‌र्ड्स और हाउस ऑफ कॉमन्स के बीच स्थित है। इसमें एक पुरुष और एक महिला आयशा की मौत हो गई। इसके बाद आतंकी गाड़ी से उतारा और पार्लियामेंट के अन्दर भागा। उसके हाथ में चाकू थे। सुरक्षाकर्मी कीथ पाल्मर ने उसे रोकने की कोशिश की तो आतंकी ने उन्हें चाकू मार दिया। इसके बाद अन्य सुरक्षाकर्मियों ने उसे गोलियों से भून दिया। वेस्टमिंस्टर भूमिगत रेलवे स्टेशन को सुरक्षा कारणों से बंद करा दिया है।

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आतंकी को काबू करता पुलिसकर्मी और इनसेट में आतंकी का चाकू

हमले में घायल हुए लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया

स्काटलैंड यार्ड के कार्यवाहक उपायुक्त मार्क राउले के मुताबिक पुलिस ने बर्मिंघम, लन्दन और देश के अन्य भागों में छह पतों पर छापेमारी की और 7 लोगों को गिरफ्तार किया। माना जा रहा है कि हमलावर अकेला था और वह अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद से प्रेरित था। राउले के बयान के मुताबिक जनता के लिए कोई परेशानी की बात नहीं है लेकिन सड़कों पर हथियारबंद अधिकारियों को उतार दिया गया है। बहुत से लोगों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं या ड्यूटी के घंटे बढ़ा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि क्राइम सीन जटिल और लंबा है, अधिकारी अभी भी मौके पर लगे हैं। अभी हमलावर या घायलों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती क्योंकि वे विभिन्न देशों के हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार भी अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं लेकिन उनसे कहा गया है कि हमलावर का नाम न दें।

घटना के वक्त ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे संसद में मौजूद थीं। उन्हें सुरक्षित उनकी सिल्वर जगुआर कार में बिठाकर डाउनिंग स्ट्रीट स्थित उनके आवास पर पहुंचा दिया गया। लंदन हमले के एक दिन बाद पीएम थेरेसा मे ने कहा है कि हम डरे हुए नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में जन्मा था हमलावर, सुरक्षा एजेंसियों के बारे में थी उसे जानकारी। लंदन हमले के मद्देनजर ब्रिटिश संसद में एक मिनट का मौन रखा गया।

गौरतलब है कि 22 मार्च 2016 को ही ब्रसेल्स में हवाईअड्डे और मेट्रो स्टेशन पर हुए आतंकी हमलों में लगभग 35 लोगों की जान चली गई थी। इस आतंकी हमले की भारत ने कड़ी निंदा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे से फोन पर बात कर जानकारी भी ली।

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वेस्टमिन्स्टर ब्रिज और संसद के पास एक व्यक्ति को आपातकालीन सेवा उपलब्ध कराई गई

आतंकी हमले के नाकाम होने के बाद सुरक्षा कारणों से सेंट्रल लंदन स्थित ब्रिटेन के निचले सदन (हाउस ऑफ कॉमन्स) के सत्र को स्थगित कर दिया गया। करीब 400 सांसदों को सुरक्षा कारणों से संसद भवन के अंदर ही रहने को कहा गया। संसद के ठीक बाहर पार्लियामेंट स्क्वायर पर एक एंबुलेंस हेलीकॉप्टर उतारा गया। ब्रिटिश संसद भवन के अंदर मौजूद रायटर के एक रिपोर्टर ने बताया कि संसद परिसर के गेट के अंदर चिकित्सकों के एक दल ने दो घायलों का इलाज किया।

प्रेस एसोसिएशन के राजनीतिक संपादक एंड्रयू वुडकॉक ने वाकिये को अपने दफ्तर की खिड़की से देखा। उन्होंने बताया कि 40 या 50 लोगों का एक समूह भागता हुआ ब्रिज स्ट्रीट से पार्लियामेंट स्क्वायर को जा रहा था। उन्हें देखकर लग रहा था कि डरे हुए लोग किसी चीज से भाग रहे हैं। जैसे ही यह समूह कैरिज गेट पर आया। गेट पर खड़े सुरक्षा गार्ड से बचते हुए भीड़ में से एक आदमी निकलकर परिसर के अंदर भागा। उसके हाथ में एक बड़ा सा चाकू था।

गौरतलब है कि मई 2013 में दो ब्रिटिश मुस्लिमों ने साउथ ईस्ट लंदन की सड़क पर सेना के जवान रिग्बी की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इससे पहले जुलाई 2005 में चार ब्रिटिश मुस्लिमों ने ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट सिस्टम में आत्मघाती हमला किया था। उस हमले में 52 लोगों की मौत हो गई थी।

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