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चीनी वायुसेना में शामिल हुआ स्टील्थ जे-20, भारत गंभीर

बीजिंग: चीन ने अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाने के लिए पांचवी पीढ़ी के स्टील्थ जे-20 फाइटर जेट को समय से पहले ही अपनी वायुसेना में शामिल कर लिया। दरअसल, इसे चीनी वायुसेना को 2019 तक दिया जाना था लेकिन इसे 2017 में ही शामिल कर लिया गया है। लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस बेहद तेज और रडार की पकड़ में ना आने वाला यह नया लड़ाकू विमान जे-20 चीन की सैन्य क्षमता में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस एयर क्राफ्ट के चीनी वायुसेना को मिल जाने से भारत गंभीर हो गया है। माना जा रहा है कि यह लड़ाकू विमान अमेरिका के एफ 22 विमान का सामना कर सकता है।





बताते चलें कि दक्षिण चीन सागर के मामले में चीन का अमेरिका और अन्य देशों से विवाद है। दूसरी तरफ, कई मसलों पर चीन कथित तौर पर पाकिस्तान को समर्थन देता है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यह जाहिर हो चुका है कि पाकिस्तान आतंकवाद का पोषक है। ऐसे में विश्व समुदाय के लिए यह एक चिंता की बात है।

खबर यह भी मिली है कि जे 20 स्टील्थ फाइटर को भारतीय सीमा के कुछ दूर लगाया जा चुका है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। यह भी माना गया है कि भारत द्वारा ब्रह्मोस मिसाइल के जवाब में चीन ने जे-20 लड़ाकू विमान को तैनात कर दिया।

गौरतलब है कि सियाचिन के दाओचेंग याडिंग एयरपोर्ट पर इस लड़ाकू विमान को तैनात कर दिए जाने की बातें कही गई थीं। यहां से भारतीय सीमा क्षेत्र पास ही है। इस क्षेत्र से भारत के कुछ एयरपोर्ट लगभग सटे हुए हैं ऐसे में भारत ने अपनी सुरक्षा को लेकर इस ओर ध्यान दिया।

भारत गंभीर हुआ

दक्षिण पश्चिम सियाचीन प्रांत के तिब्बत के पठार में जे 20 को तैनात कर दिया गया था। हालांकि चीन की सेना (पीपल्स लिबरेशन आर्मी-पीएलए) ने इस बात को नहीं माना था। मगर भारत तिब्बत को लेकर गंभीर हो गया था और अपनी सुरक्षा को लेकर सीमा क्षेत्र में सक्रिय हो गया था। हालांकि पीएलए ने इस मामले में कहा कि इस विमान को तिब्बत में तैनात करने की कोई संभावना नहीं है।

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