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स्पेशल रिपोर्ट: मसूद अजहर पर प्रतिबंध का अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस ने स्वागत किया

आतंकी मसूद अजहर
फाइल फोटो

नई दिल्ली। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को  संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादी सूची में शामिल करने के फैसले का अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने स्वागत किया है। गौरतलब है कि सुरक्षा परिषद के तीनों स्थायी सदस्यों ने सुरक्षा परिषद में मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के इरादे से परिषद की बैठक में नये सिरे से चर्चा करवाने का जो प्रस्ताव रखा था उससे चीन भारी दबाव में आ गया और उसने मसूद अजहर को आतंकवादी सूची में लगाई अपनी तकनीकी रोक हटा ली।





संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति  के तहत मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन ने पिछले तीन सालों में चार बार वीटो लगाया था।  लेकिन अंततः चीन को झुकना पड़ा और मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करवाने में भारत को कामयाबी मिली। भारत की यह बड़ी राजनयिक जीत की संज्ञा दी जा रही है।

अमेरिकी प्रशासन ने मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि जैश ए मोहम्मद के संस्थापक और नेता होने के नाते मसूद अजहर प्रतिबंधित सूची में शामिल होने के काबिल था।

प्रतिबंधित सूची में शामिल होने के बाद मसूद अजहर की सभी सम्पत्ति को जब्त करना  होगा, उसकी आवाजाही पर रोक लगानी होगी और उसे किसी तरह की शस्त्र सप्लाई करने पर रोक लगानी होगी। अमेरिका ने कहा कि जैश  ए मोहम्मद कई आतंकवादी वारदातों के लिये जिम्मेदार रहा है और वह शांति व क्षेत्रीय स्थिरता के लिये गम्भीर खतरा बन चुका है।

अमेरिकी प्रवक्ता ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के इस कथन की सराहना की कि पाकिस्तान अपने भविष्य की खातिर ही अपने देश में किसी आतंकवादी गुट को गतिविधियां नहीं चलाने देगा। प्रवक्ता ने पाकिस्तान द्वारा इस बारे में उठाए गए कदमों की भी सराहना की। अमेरिका ने यह उम्मीद भी जाहिर की कि पाकिस्तान अपने नेशनल एक्शन प्लान के तहत आतंकवाद के खिलाफ समुचित कदम उठाता रहेगा।

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