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स्पेशल रिपोर्ट: अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पियो भारत में, रूसी मिसाइल का होगा सौदा

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा और आर्थिक मसलों पर बढ़ते टकराव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो  के मंगलवार शाम को भारत आने के पहले यहां एक राजनयिक सूत्र ने साफ कहा है कि रूस के साथ एस-400 एंटी मिसाइल सौदा को भारत छोड़ नहीं सकता। भारतीय राजनयिक सूत्रों ने यह भी साफ  किया है कि ईऱान के साथ तेल आयात रोकने की अमेरिकी धमकी को भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और व्यावसायिक हितों के मद्देनजर ही मानेगा।





नरेन्द्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक महीने के भीतर ही अमेरिकी विदेश मंत्री के भारत दौरे को हालांकि यहां विशेष अहमियत दी जा रही है लेकिन यहां राजनयिक सूत्रों ने कहा है कि  रूस से रक्षा सम्बन्धों पर प्रतिबंध लगाने वाले अमेरिकी कैटसा कानून के तहत भारत को छूट मिलने की उम्मीद है।

अमेरिकी विदेश मंत्री की यहां बुधवार को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से आपसी मामलों पर गहन बातचीत होगी। इसके बाद वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मिलेंगे। वह अमेरिकी व्यावसायिकों की एक बैठक को भी सम्बोधित करेंगे। बुधवार शाम को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में वह एक सार्वजनिक व्याख्यान भी देंगे।

गौरतलब है कि अमेरिका पिछले कई महीनों से भारत पर दबाव डाल रहा है कि वह रूस से सवा  पांच अरब डॉलर के एस-400 एंटी मिसाइल सौदे को रोक दे। अमेरिका ने अपने कैटसा कानून को उन देशों पर लागू करने की धमकी दी है जो रूस से रक्षा साज  सामन खरीदेगा। लेकिन यहां भारत की रूस के साथ इस मिसाइल को लेकर गत एक दशक से बातचीत चल रही थी। भारत के लिये यह मिसाइल सौदा काफी अहम है औऱ भारत इसे छोड़ नहीं सकता। अमेरिकी अधिकारियों को बता दिया गया है कि भारत इस सौदे से पीछे नहीं हट सकता।

राजनयिक सूत्रों ने सवालों के जवाब में यह भी कहा कि अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग को गहरा करने के लिये  कुछ  मौलिक रक्षा सम्बन्धों पर बातचीत चल रही है।  भारत ने अब तक अमेरिका के साथ कोमकासा, लेमोआ और एंड यूजर एग्रीमेंट जेसे समझौते किये हैं। आगे इंडस्ट्रियल  सिक्युरिटी एऩेक्स समझौता को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा  मौलिक समझौता माने  जाने वाले समझौता बेका को लेकर भी दोनों देशों के अधिकारी बातचीत कर रहे हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री  की  भारत यात्रा को इसी सप्ताह जापान के ओसाका शहर में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की  मुलाकात की जमीन तैयार करने वाला बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ओसाका में 27 और 28 जून को जी- 20 की शिखर बैठक में भाग लेने ओसाका जा रहे हैं।

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