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Special Report: अरूणाचल में मिला अमेरिकी विमान का मलवा

क्रैश अमेरिकी विमान
क्रैश अमेरिकी विमान का मलबा

नई दिल्ली। भारतीय थलसेना को दूसरे विश्व युद्ध के दौरान गिराये गए एक अमेरिकी लड़ाकू विमान का मलवा अरुणाचल प्रदेश के रोईंग जिले में गत 30 मार्च को एक गश्ती अभियान के दौरान मिला है। यहां थलसेना के प्रवक्ता  कर्नल मोहित वैष्षव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि विमान का मलवा झाड़ियों के बीच 05 फीट बर्फ के नीचे दबा हुआ पाया गया।





सेना को पुलिस के जरिये लोअर दिबांग जिले में कुछ पर्वतारोहियों से यह सूचना मिली थी। इसके बाद एक खोजी दल भेजा गया जिसे रोइंग जिले से 30 किलोमीटर दूर यह विमान मिला। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान गिराए गए इस विमान का मलवा मिलने से इतिहास के कई नये रहस्य उजागर हो सकते हैं।

इसके पहले पिछले साल जनवरी में सेना को अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे जिला से एक अमेरिकी विमान का मलवा मिला था जो दूसरे विश्व युद्ध के दौरान गिराया गया था।

गौरतलब है कि दूसरे विश्व युद्ध में जापान द्वारा बर्मा पर कब्जा के बाद भारत से चीन तक के लिये अरुणाचल का यह इलाका मुख्य सप्लाई  मार्ग था। इस इलाके में अमेरिकी सेना अपने शहीद सैनिकों और सैनिक साज सामान का मलवा खोजने का अभियान भी  साल 2008 से भारतीय सेना के सहयोग से चला रही है। अमेरिकी सेना को इसके पहले भी अरुणाचल प्रदेश के इलाके से सैन्य साज सामान औऱ सैनिकों के अवशेष मिले हैं।

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अलायड फोर्सेज को सैनिक साज सामान की सप्लाई के लिये अमेरिकी इंजीनीयरों द्वारा भारतीय सैनिकों औऱ चीनी मजदूरों की मदद से 1,726 किलोमीटर लम्बा स्टिलवेल रोड तीन साल मे 1945 तक बन कर तैयार हुआ था ताकि चीन के एक हिस्से  पर जापानी कब्जे को समाप्त करने के लिये सैन्य अभियान चलाया जा  सके। यह रोड अमेरिकी जनरल जोसेफ स्टिलवेल के नाम से जाना जाता है जिनकी अगुवाई में यह अहम प्रोजेक्ट पूरा हुआ।

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