DEFENCE

Special Report : ब्रिटेन भारत के ‘मेक इन इंडिया’ में अपनी भागीदारी बढ़ाएगा

नई दिल्ली। ब्रिटेन ने भारत के रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत निवेश बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। यहां ब्रिटेन के उच्चायुक्त डोमिनिक अस्किथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ब्रिटेन दौरे के मौके पर कहा कि भारत और ब्रिटेन के रिश्ते हर क्षेत्र में गहरे हो रहे हैं।





उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार में पिछले साल के मुकाबले 15 प्रतिशत का इजाफा हुआ है जो काफी उत्साहजनक है। उच्चायुक्त ने कहा कि ब्रिटेन के भारत के रक्षा क्षेत्र के साथ भी रिश्ते गहरे कर रहा है औऱ इसी इऱादे से ब्रिटेन ने अपने रक्षा अधिग्रहण के मंत्री की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल चेन्नै में आयोजित हो रही रक्षा प्रदर्शनी ‘डेफएक्सपो-2018’ में भेजा है। उन्होंने कहा कि इस दौरान ब्रिटिश रक्षा विभाग के मंत्री की भारतीय रक्षा मंत्री और आला अधिकारियों से गहन बातचीत हुई है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को विस्तार देने के मसले पर विस्तार से चर्चा हुई है।

उच्चायुक्त अस्किथ ने बताया कि ब्रिटेन तो भारत में गत सात दशक से ही ‘मेक इन इंडिया’ में भाग लेता रहा है। उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन के तकनीकी सहयोग से भारत में जगुआर लड़ाकू विमान, हाक ट्रेनर विमान और वैमानिक इंजन भारत में बनाए जाते रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या ब्रिटेन की भागीदारी वाला यूरोपियन फाइटर विमान बनाने वाली कम्पनी से भारत के लड़ाकू विमानों के सौदे में भाग लेने को प्रेरित करेंगे, उच्चायुक्त ने इसका सीधा जवाब टालते हुए कहा कि भारतीय रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी टेंडर दस्तावेज का यूरोपीय कम्पनी अध्ययन कर रही है और इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।

डोमिनिक अस्किथ ने बताया कि भारत और ब्रिटेन के बीच इस साल व्यापार बढ़कर 18 अऱब पाउंड हो गया है जो पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। दूसरी ओर भारत ब्रिटेन में चौथा सबसे ब़डा निवेशक बन चुका है। जी-20 देशों में ब्रिटेन भारत में सबसे बड़े निवेशक के तौर पर उभरा है।

लंदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन में भाग लेने जाएंगे लेकिन इसके एक दिन पहले उनकी ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे के साथ द्वीपक्षीय सम्बन्धों पर बातचीत होगी। माना जा रहा है कि यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के बाद ब्रिटेन भारत के साथ रिश्ते गहरे करने के कई नये उपायों पर बातचीत कर रहा है। इसी के तहत ब्रिटेन ने वादा किया है कि वह भारत में रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ में अपनी भागीदारी बढ़ाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी 16 और 17 अप्रैल को स्वीडेन के दौरे के बाद 18 अप्रैल को लंदन में ब्रिटिश नेताओं सं मिलेंगे।

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