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स्पेशल रिपोर्ट: यमन के गृहयुद्ध के शिकारों का भारत में इलाज

यमन का गृह युद्ध

नई दिल्ली। गृहयुद्द से कराह रहे यमन के घायल और बीमार लोगों का इलाज इन दिनों भारत में चल रहा है। यमन के लोगों की मदद के लिये संयुक्त अरब अमीरात खुले दिल से आगे आया है और वहां गृहयुद्ध की चपेट में आए लोगों को वित्तीय मदद दे कर भारत इलाज के लिये भेज रहा है।





गौरतलब है कि खाड़ी के मुल्क यमन में पिछले पांच सालों से चल रहे गृहयुद्ध में एक लाख से अधिक लोगों के मारे जाने की रिपोर्टें हैं। वहां अढ़ाई लाख लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं। इस घोर मानवीय संकट के पैदा होने से यमन के लोग तनावग्रस्त औऱ परेशान हैं लेकिन वहां मौजूदा स्थापित सरकार के खिलाफ हौती विद्रोहियों ने हिंसक संघर्ष छेड़ रखा है। गृहयुद्ध में उलझे होने की वजह से यमन में नागरिक प्रशासन पूरी तरह ठप हो चुका है ।

यमन के हालात पर टिप्पणी करते हुए यहां संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत डॉ. अहमद अलबन्ना ने कहा कि यमन के लोगों को मानवीय संकट से उबारने के लिये संयुक्त अरब अमीरात ने एक विशेष मेडिकल मिशन चलाया है जिसके तहत भारत के मेडिओर हॉस्पिटल में यमन के मरीजों का इलाज करवाया जाता है।

राजदूत ने कहा कि भारत में श्रेष्ठ चिकित्सा सेवा मिलती है इसलिये उनके देश ने भारत के मेडिकल अस्पतालों के सहयोग से यमन के मरीजों को भारत भेजकर इलाज करवाने के लिये भेजा है। राजदूत ने कहा कि यमन में लोगों का एक छोटा गुट है जो यमन की सरकार पर काबिज होना चाहती है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ गहरे दिवपक्षीय रिश्तों के मद्देनजर संयुक्त अरब अमीरात ने भारत के विभिन्न संगठनों और एजेंसियों से सहयोग समझौता किया है। राजदूत ने कहा कि अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी के तहत उनकी सरकार ने इस तरह की मानवीय मदद का बीड़ा उठाया है।

राजदूत के मुताबिक जून, 2016 से दिसम्बर, 2018 तक छह सौ से अधिक यमनी नागरिकों का सफल इलाज हो चुका है। इसके अलावा इस साल अब तक 234 मरीजों का इलाज किया गया है। मरीजों को भारत लाने के अलावा संयुक्त अरब अमीरात यमन के भीतर भी दवा और खाद्य सामग्री मुहैया करा कर परेशान यमनी लोगों की मदद कर रही है।

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