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स्पेशल रिपोर्ट: बांग्लादेश और भारत के बीच होंगे सहयोग के पांच समझौते

एके अब्दुल मोमिन और पीएम मोदी

नई दिल्ली। बांग्लादेश में संसदीय चुनावों के बाद शेख हसीना के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत के साथ रिश्ते और गहरे होंगे। सात जनवरी को  सत्ता सम्भालने के बाद अपने विदेश मंत्री को पहले विदेश दौरे पर भारत भेजने के फैसले ने यह संकेत दिया है कि बांग्लादेश  भारत के साथ रिश्तों  को विशेष अहमियत देता रहेगा।





बांग्लादेश के विदेश मंत्री डा. एके अब्दुल मोमिन भारत के तीन  दिनों के दौरे पर यहां  बुधवार रात को पहुंचे और गुरुवार को  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर प्रधानमंत्री शेख हसीना की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने अब्दुल मोमिन को विदेश मंत्री बनाए जाने पर बधाई दी औऱ कहा कि  बांग्लादेश औऱ भारत के रिश्ते ऊपर की ओर जा रहे हैं।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शेख हसीना के तीसरे कार्यकाल में भी वह आपसी रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिये प्रतिबद्ध हैं। विदेश मंत्री  मोमिन द्वारा भारत को अपना पहला विदेश दौरा चुनने के लिये उन्होंने आभार जाहिर किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि  बांग्लादेश औऱ भारत के रिश्ते बाकी दुनिया के लिये एक मॉडल के तौर पर देखे जाते हैं।

विदेश मंत्री मोमिन अपने भारत दौरे में भारत-बांग्लादेश की पांचवीं सलाहकार बैठक की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ सह-अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक के बाद आपसी सहयोग के कुछ समझौतों पर हस्ताक्षर भी होंगे। इस बैठक के पहले वह विदेश मंत्री स्वराज के साथ अलग से भी मुलाकात करेंगे।

गौरतलब है कि बांग्लादेश की सरकार पर जेहादी तबका का दबाव रहता है कि वह भारत के साथ अधिक मधुर रिश्ते न रखे। लेकिन शेख हसीना ने भारत को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में हमेशा रखा और आपसी राजनीतिक औऱ आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई पर पहुंचाया।

भारत के पड़ोसी देशों के साथ बेहतर रिश्ते भारत के सामरिक हित में है इसलिये भारत बांग्लादेश सहित अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को परस्पर भरोसा के साथ गहरा करने की नीति पर चलता है।

भारत रवाना होने के पहले विदश मंत्री मोमिन ने कहा कि दुनिया के सबसे महान जनतंत्र और महान पड़ोसी के सम्मान में वह भारत का अपना पहला विदेश दौरा कर रहे हैं। वह अपने साथ एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल लाए हैं जिनमें विभिन्न मंत्रालयों के सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वह रोंहिग्या संकट के बारे में भारतीय नेताओं से बात करेंगे।

इस दौरे में दोनों देशों के  बीच पांच समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे जिनमें बांग्लादेश के स्वास्थ्य मंत्रालय और भारत के आयुष मंत्रालयों के बीच सहयोग समझौता बांग्लादेश टेलीविजन और प्रसार भारती बांग्लादेश में भारतीय निर्यात संसाधन क्षेत्र( ईपीजेड) की स्थापना और भारत में बांग्लादेश के अधिकारियों को ट्रेनिंग का समझौता शामिल है।

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