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स्पेशल रिपोर्ट: भारत के साथ सहयोग गहरा करेगा ताइवान

ताइवान के प्रतिनिधि अम्बेसडर थ्येन चुंग क्वांग
सौजन्य- गूगल

नई दिल्ली। ताइवान ने अपनी न्यू साउथ बाउंड पॉलिसी के तहत भारत के साथ दिवपक्षीय सहयोग को गहरा करने की नीति अपनाई है। इस नीति के तहत ताइवान ने पिछले सप्ताह अपने देश के कृषि विशेषज्ञों का एक दल भारत भेजा और अब इस सप्ताह युवा कूटनीति के तहत युवा जगत का एक सांस्कृतिक दल भारत भेज रहा है।





गौरतलब है कि ताइवान चीन का विद्रोही प्रांत है जो चीन से अलग हो कर अपनी स्वतंत्र सरकार बनाना चाहता है। चीन से संवेदनशील रिश्तों की वजह से ताइवान सरकार को भारत ने मान्यता नहीं दी है लेकिन इसके प्रतिनिधि कार्यालय को भारतीय राजधानी नई दिल्ली में खोलने की अनुमति दी है। इसी तरह ताइवान की राजधानी ताइपेई में भी भारत ने अपना एक प्रतिनिधि कार्यालय खोला है।  उल्लेखनीय है कि चीन ताइवान को अपना विद्रोही प्रांत कहता है और ताइवान के सथ रिश्ता रखने वाले देशों को पसंद नहीं करता है।

नई दिल्ली में तैनात ताइवान के प्रतिनिधि अम्बेसडर थ्येन चुंग क्वांग ने यहां कहा कि  एक दूसरे के यहां प्रतिनिधि कार्यालय खोलने के बाद दोनों देशों के बीच दिवपक्षीय आदान-प्रदान बढ़ा है। दोनों देशों के बीच जनता स्तर पर सम्पर्क बनने लगे हैं। इसे बढ़ावा देने के लिये ताइवान ने पिछले सप्ताह अपने देश के युवा कृषकों का एक दल भारत भेजा जिसने भारतीय किसानों के साथ अपने अनुभव बांटे और अपने देश में अत्याधुनिक तरीके से की  जा रही खेती की जानकारी दी।

ताइवान के प्रतिनिधि ने कहाकि भारत एक कृषि प्रधान देश है इसलिये ताइवान भारत के साथ कृषि क्षेत्र में भी  सहयोग का रिश्ता बनाना चाहता है। राजदूत क्वांग ने कहा कि भारत और ताइवान दोनों एक दूसरे से काफी कुछ सीख सकते हैं। ताइवान के  कृषि शिष्टमंडल ने नगालैंड और पंजाब का  दौरा किया और वहा कृषि क्षेत्र के लोगों  से मुलाकात की।

ताइवान के  प्रतिनिधि ने कहा कि हम केवल औद्योगिक और तकनीकी उत्पाद ही नहीं बनाते हैं बल्कि तकनीक की मदद से कृषि उत्पाद भी पैदा करते हैं।  उन्होंने कहाकि ताइवान भारत  में खेती की जमीन की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकता है औऱ इस तरह  किसानों की आय दोगुना करने के सपने को पूरा कर सकते हैं।

 

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