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Special Report: ताइवान ने चीन की ‘एक देश दो प्रणाली’ को नामंजूर किया

शी और ताइवान की राष्ट्रपति त्साई
फोटो सौजन्य- गूगल

नई दिल्ली। हांगकांग में चल रहे जनतांत्रिक आन्दोलन के मद्देनजर चीन से अलग हुए रिपब्लिक ऑफ चाइना की ताइवान स्थित सरकार ने कम्युनिस्ट चीन द्वारा अपने देश के राज्यों के लिये स्थापित एक देश दो प्रणाली व्यवस्था को नामंजूर कर दिया है। गौरतलब है कि 1997 में ब्रिटेश का उपनिवेश रहे हांगकांग पर 1997 में अपना आधिपत्य जमाने के बाद चीन ने हांगकांग के लिये एक देश दो प्रणाली की व्यवस्था लागू की है। हांगकांग के लोग इस व्यवस्था से खुश नहीं हैं और वहां चीनी अधिकारियों द्वारा जनतांत्रिक मूल्यों की परवाह नही करने का आरोप लगाते हैं।





ताइवान के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर ताइवान की राष्ट्रपति त्साई ने कहा है कि जब आजादी और जनतंत्र को चुनौती दी जाती है और जब रिपब्लिक आफ चाइना के अस्तित्व को खतरा पहुंचाने की बात की जाती है तब हमें एकजुट और खड़ा होना होगा अपनी रक्षा खुद ही करनी होगी।

राष्ट्रपति त्साई ने कहाकि ताइवान की 2.3 करोड़ आबादी के बीच, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल या राजनीतिक विचार की हो , यह आम राय है कि वे एक देश दो प्रणाली को नामंजूर करती है। राष्ट्रपति ने कहा कि रिपब्लिक आफ चाइना ताइवान पर 70 सालों से अटल खड़ा रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि यदि हम एक देश दो व्यवस्था को स्वीकार करते हैं तो रिपब्लिक आफ चाइना के अस्तित्व के लिये कोई जगह नहीं बचेगी। राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रति की हैसियत से राष्ट्रीय सम्प्रभुता की रक्षा करना कोई उकसावे वाली कार्रवाई नहीं है बल्कि यह उनकी मौलिक जिम्मेदारी है।

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