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स्पेशल रिपोर्ट: विवादों के बीच सेशल्स के राष्ट्रपति भारत दौरे पर

Seyshells President

नई दिल्ली। एजम्पशन द्वीप पर समुद्री निगरानी सैन्य सुविधा स्थापित करने के लिये भारत से किये गए समझौते को रद्द करने के लिये चल रहे विवादों के बीच हिंद महासागर के द्वीप देश सेशल्स के राष्ट्रपति डैनी फोर 22 से 27 जून तक भारत का दौरा करेंगे।





भारत और सेशल्स के बीच लम्बे वक्त से सैन्य और सामरिक सहयोग का रिश्ता विकसित हो चुका है और उम्मीद की जा रही है कि राष्ट्रपति डैनी फोर भारतीय नेताओं से बातचीत में भरोसा दिलाएंगे कि उनका देश भारत के साथ सामरिक सम्बन्धों में किसी तरह की कमी नहीं आने देगा लेकिन एजम्पशन द्वीप को भारत को सैन्य सुविधा स्थापित करने के लिये भारत को सौंपने से इनकार करने का मसला भारत को खटक रहा है।

सेशल्स के राष्ट्रपति के रविवार को भारत आने के मौके पर एक बयान में विदेश मंत्रालय ने इतना ही कहा है कि राष्ट्रपति फोर का भारत दौरा दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय दौरों का हिस्सा है और इस दौरान रक्षा व सामरिक सहयोग व विकास की साझेदारी के रिश्तों की समीक्षा का मौका मिलेगा।

हिंद महासागर में स्थित 95 हजार आबादी वाले द्वीप देश सेशल्स पर चीन की भी गहरी नजर है। हाल के सालों में चीन ने भी सेशल्स के साथ अपने सामरिक रिश्ते गहरे करने की कई पहल की है। चीन भी वहां के द्वीप पर अपनी सैन्य सुविधा स्थापित करने की कोशिश में जुटा है। माना जा रहा है कि चीन ने सेशल्स के एक राजनीतिक वर्ग पर अपना दबदबा स्थापित कर लिया है और यही वजह है कि सेशल्स के राजनीतिक समुदाय में भारत को एजम्पशन द्वीप सौंपने को लेकर आम राय नहीं बन सकी।

उल्लेखनीय है कि सेशल्स के समुद्री तटों की निगरानी में भारत के युद्दपोत अक्सर तैनात रहते हैं। भारत ने सेशल्स के तटरक्षक बल को समुद्री पोत भी भेंट किये हैं। एजम्पशन द्वीप पर भारत की योजना रेडार लगाने की थी ताकि वहां के समुद्री इलाके की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

राष्ट्रपति फोर की 25 जून को राष्ट्रपति भवन में पारम्परिक तौर पर अगवानी की जाएगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उनके सम्मान में राजकीय भोज देंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी आपसी रिश्तों को और गहरा बनाने के मसले पर बातचीत होगी।

 

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