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Special Report: सऊदी अरब ने भारत-पाक को समान नजरिये से देखा

प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल अजीज
प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल अजीज (सौजन्य- गूगल)

नई दिल्ली।  सऊदी अरब ने पहली बार भारत और पाकिस्तान को एक समान नजिरये से देखा है। सऊदी राजकुमार 16 और 17 फरवरी को पाकिस्तान दौरे के तुरंत बाद 19 और 20 फरवरी को भारत दौरे आएगे। इस तरह सऊदी अरब ने पाकिस्तान के प्रति झुकाव की अपनी नीति में बदलाव और संतुलन लाते हुए भारत के साथ भी रिश्तों को समान अहमियत देने की कोशिश की है।





सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर 19 और 20 फरवरी को भारत दौरे पर रहेंगे। यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इस आशय का ऐलान किया। सऊदी प्रिंस भारत के पहले राजकीय दौरे पर आ रहे हैं।  उनके साथ एक उच्च स्तरीय शिष्टमंडल होगा जिसमें वरिष्ठ मंत्रियों, अधिकारियों और आला व्यापारिक प्रतिनिधियों का दल भी शामिल होगा।

भारत दौरे में सऊदी राजकुमार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मुलाकात करेंगे  और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ आपसी हितों के मसलों पर गहन बातचीत करेगे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अप्रैल, 2016 में सऊदी अरब का कामयाब दौरा किया था। इस दौरान दोनों देशों ने अपनी सामरिक साझेदारी के रिश्ते को और उन्नत बनाने का फैसला किया था।

भारत के रत्नागिरी रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट के लिये सऊदी अऱब औऱ संयुक्त अरब अमीरात की कम्पनी ने  44 अरब डॉलर के निवेश पर सहमति की थी।

प्रवक्ता के मुताबिक भारत और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक तौर पर निकट का रिश्ता रहा है और दोनों के बीच परस्पर लाभजनक साझेदारी का रिश्ता विकसित हुआ है। पिछले साल दोनों के बीच 27.48 अरब डॉलर का दिवपक्षीय व्यापार हुआ था। सऊदी अरब भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन चुका है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा में सऊदी अरब का अहम योगदान है। वह भारत की कुल ऊर्जा खपत का 20 प्रतिशत सप्लाई करता है।

सऊदी अरब में भारतीय मूल के 27 लाख  लोग रहते हैं जो दोनों देशों के बीच गहरे रिश्तों में अहम भूमिका निभाते हैं। वहां भारत से हर साल पौने दो लाख हज यात्री जाते है।

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