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स्पेशल रिपोर्ट: पीएम मोदी मिलेंगे पुतिन और शी चिन फिंग से

पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिन फिंग के साथ मोदी
फाइल फोटो

नई दिल्ली। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इसी सप्ताह रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिन फिंग से अहम मुलाकातें होंगी। ये मुलाकातें किर्गिस्तान में 14 और 15 जून को  शांघाई सहयोग संगठन की शिखर बैठक के दौरान होंगी। प्रधानमंत्री मोदी इस शिखर बैठक में भाग लेने के लिये 13 जून को बिश्केक पहुंचेंगे।





रूस और चीन के राष्ट्र प्रमुख से दिवपक्षीय बैठक के अलावा  किसी और दिवपक्षीय बैठक की पुष्टि नहीं की। यहां विदेश मंत्रालय ने यह साफ किया है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ दिवपक्षीय बैठक की कोई योजना नहीं है।

दोबारा प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद नरेन्द्र मोदी की बहुपक्षीय सम्मेलन में पहली  भागीदारी होगी।  गौरतलब है कि दो दिनों पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पहली विदेश यात्रा सागरीय पड़ोसी देशों मालदीव और श्रीलंका  की है और अब इसके कुछ दिनों के भीतर ही प्रधानमंत्री मोदी का  दुनिया की दो बड़ी ताकतों के राष्ट्रप्रमुखों से मिलना काफी अहमियत रखता है।

अमेरिका  द्वारा आर्थिक और रक्षा सहयोग के मसलों पर कई तरह की शर्तें एकपक्षीय तौर पर थोपे जाने से जहां भारत और अमेरिका के रिश्तों में अड़चनें पैदा होने लगी हैं वहीं रूस और चीन के साथ रिश्तों को नई दिशा इन मुलाकातों के दौरान तय होंगी।

शांघाई सहयोग संगठन  की शिखर बैठक में आठ सदस्यों के राष्ट्रप्रमुख भाग लेंगे। भारत और पाकिस्तान दो साल पहले ही इस संगठन के पूर्ण सदस्य बने हैं। इस संगठन की शिखर बैठक में  निर्णय आम राय से ही लिये जाते हैं। बिश्केक दौरे में प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति के साथ दिवपक्षीय बैठक भी करेंगे।

शांघाई सहयोग संगठन की शिखर बैठक के दौरान भारत की ओर से आतंकवाद का मसला भी जोरशोर से उठाया जाएगा।  शिखर बैठक के दौरान संगठन के सदस्य देशों के बीच आपसी रक्षा सहयोग की गतिविधियों के आयोजन पर भी फैसला किया जाएगा। रूस  आगामी सितम्बर में संगठन के सदस्य देशों के बीच साझा सैन्य अभ्यास के आयोजन की तैयारी कर रहा है।

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