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स्पेशल रिपोर्ट: पाकिस्तान भी बनाएगा पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान

पाकिस्तानी वायुसेना का लड़ाकू विमान
फाइल फोटो

नई दिल्ली। पाकिस्तान भी 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान अपने देश में ही बनाने के सपने देख  रहा है। पाकिस्तान ने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान का नाम अज्म रखा है औऱ यहां पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय के दावों  के मुताबिक  इस विमान के डिजाइन का पहला चरण पाकिस्तानी वैमानिकी इंजीनियरों  ने पूरा कर लिया है।





तकनीकी रूप से पिछड़े देश द्वारा इस तरह का दावा करने पर यहां सामरिक हलकों में हैरानी जाहिर की जा रही है। जानकारों का कहना है कि  पाकिस्तान का स्वदेशी वैज्ञानिक आधार इतना गहरा औऱ व्यापक नहीं है कि वह एक मामूली विमान का भी डिजाइन कर सके।

पाकिस्तानी  वैमानिकी विशेषज्ञों ने कहा है कि  डिजाइन का पहला साइकल  पाकिस्तानी वायुसेना की चुनौतीपूर्ण दायित्व को पूरा करन के लिये बनाया गया है।  इसका डिजाइन पूरा करने के लिये तीन और साइकल पूरे करने होंगे।  पाकिस्तानी रक्षा उत्पादन के मंत्रालय ( एमओडीपी) ने अपनी सालाना रिपोर्ट में यह खुलासा किया है।

 2017 में शुरू किये गए प्रोजेक्ट अज्म के तहत  न केवल पांचवीं पीढ़ी के  लड़ाकू विमान ( एफजीएफए ) के  डिजाइन तथा विकास पर काम चल रहा  है बल्कि अत्याधुनिक मानवरहित लड़ाकू विमान के डिजाइन औऱ  विकास पर काम चल रहा है।  दुश्मन की नजरों  से ओझल रहने वाले इस लड़ाकू ड्रोन का  नाम  मेल यूएवी रखा गया है। एमएएलई यानी मीडियम अल्टीच्यूड  लांग एनड्युरेंस  अनमैन्ड एरियल वेहीकल  औऱ लम्बी दूरी के सतह से हवा में मार करने वाली शस्त्र प्रणालियों के विकास का काम शुरु किया गया है।

लेकिन पाकिस्तानी वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल मुजाहिद अनवर खान ने कहा है कि पांचवीं पीढी के लडाकू विमान को तैयार करने में एक दशक से कम का वक्त नहीं लगेगा।  जब कि मेल टोही विमान का डिजाइन अंतिम दौर में चल रहा है।

गौरतलब है कि  पाकिस्तान दावा करता है कि उसने चीन के सहयोग  से जेएफ- 17 थंडर विमान का विकास किया है जिसे पाकिस्तानी वायुसेना में शामिल कर लिया  गया है।

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