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स्पेशल रिपोर्ट: अमेरिकी प्रतिबंधों पर ईरान के विदेश मंत्री की सुषमा से बात

ईरानियन विदेश मंत्री और सुषमा स्वराज

नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ पूर्ण प्रतिबंध लगने से परेशान ईरान के विदेश मंत्री  मोहम्मद जवाद जारिफ ने यहां मंगलवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के  साथ अहम बातचीत की है। गौरतलब है कि भारत ने ईरान पर लगे प्रतिबंध के बाद भारत ने कहा है कि अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये जरूरी कदम उठाएगा औऱ इस बारे में अमेरिका से बातचीत करता रहेगा।





इस मुलाकात  के बारे में यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि दोनों विदेश मंत्रियों के बीच आपसी हितों के सभी दिवपक्षीय मसलों  पर रचनात्मक बातचीत हुई। इसमें अफगानिस्तान सहित सभी क्षेत्रीय उभरते हालात पर चर्चा  शामिल थी ।

 गौरतलब है कि ईरान के साथ छह देशों का परमाणु समझौता एकतरफा  तोड़ने के बाद अमेरिका ने  ईरान पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है और इससे बचने के लिये भारत और जिन देशों को छूट दी गई थी उसे भी अमेरिका द्वारा वापस लेने के बाद ईरान पर दबाव काफी बढ़ गया है।  ईरान ने ऐलान किया है कि  छह देशों की संधि टूटने के बाद वह भी इसका पालन नहीं करेगा औऱ वह अपना परमाणु कार्यक्रम फिर बहाल कर लेगा। ईरान की इस धमकी के जवाब में संधि के अन्य भागीदार यूरोपीय यूनियन ने ईरान से ऐसा नहीं करने को कहा है औऱ भरोसा दिलाया है कि ईरान के साथ यूरोपीय कम्पनियों का व्यापार जारी रखने के लिये अमेरिकी डालर से स्वतंत्र इंसटेक्स प्रणाली को जल्द व्यवहार में लाएगा जिसके जरिये यूरोपीय कम्पनियों और ईरान के बीच व्यापार हो सकता है।

 अमेरिका औऱ ईरान के  बीच बढते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री का भारत दौरा काफी अहम हो गया है। ईरानी विदेश मंत्री सोमवार की रात नई दिल्ली पहुचे और मंगलवार को दोपहर विदेश मंत्री स्वराज से बातचीत के बाद चीन के लिये रवाना हो गए।  समझा जाता है कि भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच वार्ता में ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों की मार से बचाने के उपायों पर बातचीत हुई।

 इस दौरान दोनों विदेश मंत्रियों के बीच ईऱान के चाबाहार बंदरगाह के भारत द्वारा संचालन के बारे में भी चर्चा हुई। ईरान के चाबाहार बंदरगाह का भारत गत एक दशक से निर्माण कर रहा था और अब इसे सक्रिय किये जाने के बाद भारत की कोशिश है कि चाबाहार बंदरगाह को अमेरिकी प्रतिबंधों की मार से बचाया जाए।

ईरान से भारत अपनी कुल जरूरत का दस प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता रहा है लेकिन अमेरिकी प्रतिबंद लागू होने के बाद भारत सऊदी अरब और दूसरे खाड़ी मुल्कों से अधिक तेल का आयात करेगा।

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