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स्पेशल रिपोर्ट: चीन के कर्ज में डूबे मालदीव को भारत की बड़ी मदद

मालदीव के राष्ट्रपति और पीएम मोदी

नई दिल्ली। चीनी कर्ज के बोझ में डूबे मालदीव को आर्थिक राहत प्रदान करने वाला एक  बड़ा फैसला लेते हुए भारत ने मालदीव को 1.4  अरब डालर की मदद देने का ऐलान किया है।





मालदीव के राष्ट्रपति  इब्राहीम मोहम्मद सोलेह ने अपने पहले विदेश दौरे में यहां भारतीय राष्ट्रपति औऱ प्रधानमंत्री से मुलाकात की और आपसी सम्बन्धों को फिर से पटरी पर लाने वाले कई समझौतों का ऐलान किया। इसमें वीजा सांस्कृतिक सहयोग, कृषि व्यापार सहयोग  और सूचना संचार और इलेक्ट्रॉनिक तकनीक सहयोग शामिल है। इसके अलावा दोनों देश  स्वास्थ्य, आपराधिक मामलों,  निवेश संवर्द्धन, मानव संसाधन विकास और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग करने पर भी सहमत हुए हैं।

गौरतलब है कि पिछले महीने 17  नवम्बर को सत्ता सम्भालने के बाद मालदीव के राष्ट्रपति ने भारत से रिश्ते सामान्य करने वाले कई अहम बयान दिये है। पिछले राष्ट्रपति  अब्दुल्ला यामीन ने अपने छह साल के शासन काल में भारत के साथ सम्बन्धों की कीमत पर  चीन से विशेष रिश्ते  विकसित किये और भारत के साथ रक्षा सम्बन्धों को कमजोर किया।

इसी परिप्रेक्ष्य में यहां राष्ट्रपति सोलेह और प्रधानमंत्री मोदी के बीच सात साल बाद  हुई दिवपक्षीय  वार्ता के बाद एक साझा बयान जारी किया गया जिसमें मालदीव के राष्ट्रपति ने भारत पहले की नीति की घोषणा की। साझा बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति सोलेह ने भारत के साथ निकटता के साथ काम करते रहने की प्रतिबद्धता जाहिर की। जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने भी पड़ोस पहले की नीति का जिक्र करते हुए  मालदीव को भरोसा दिया कि  मालदीव के सामाजिक आर्थिक विकास और  जनतांत्रिक और स्वतंत्र संस्थाओं को मजबूत करने के लिये समुचित सहयोग देता रहेगा।

गौरतलब है कि मालदीव के विदेश मंत्री ने  इस महीने के शुरू में भारत दौरे में मांग की थी कि भारत मालदीव को वित्तीय संकट से बचाने के लिये 25  से 35  करोड़ डॉलर की मदद दे। भारत ने इसे मंजूर करते हुए कहा कि वह 1.5  अरब डॉलर की वित्तीय सहायता देगा जिसमें बजटीय समर्थन, करेंसी अदलाबदली और सामाजिक आर्थिक विकास के लिये रियायती कर्ज शामिल है।

दोनों देशों के बीच वीजा की प्रक्रिया आसान बनाने के लिये भी एक समझौता किया जिससे दोनों देशों के बीच जनता स्तर पर सम्पर्क बेहतर करना आसान होगा। गौरतलब है कि मालदीव के लोग अपने बच्चों को स्कूली शिक्षा के लिये भारतीय स्कूलों में भेजना पसंद करते हैं। नये वीजा समझौते से, मालदीव के लोग भारत में स्वास्थ्य देखभाल के लिये आसानी से आ जा सकते हैं।

बातचीत के दौरान दोनों नेता इस  बात पर सहमत हुए कि हिंद महासागर में शांति व स्थिरता के लिये मिल कर काम करेंगे। दोनों नेताओं ने इसकी अहमियत पर जोऱ देते हुए कहा कि हिंद महासागर इलाके में दोनो देशों के सुरक्षा हित आपस में जुड़े हैं और दोनों ने यह वादा भी किया कि वे एक दूसरे की चिंताओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि एक दूसरे का भूभाग एक दूसरे के  खिलाफ इस्तेमाल नहीं होनें देंगे। दोनों देश इस इलाके में समुद्री सुरक्षा मजबूत करने के लिये आपसी सहयोग को  मजबूत करेंगे। इसके लिये दोनों देश साझा समुद्री इलाके की तालमेल से गश्ती करेंगे और टोह रखेंगे, सूचनाओं का आदान प्रदान करेंगे औऱ क्षमता निर्माण  करेंगे।

दोनों देशों ने अपने और बाहर के इलाके में आतंकवाद से ल़ड़ने में आपसी सहयोग को गहरा करने का संकल्प जाहिर किया समुद्री डाकाजानी, संगठित अपराध,  मादक पदार्थों और मानव की तस्करी की रोकथाम में सहयोग करेंगे और मालदीव की पुलिस और मालदीव की नेशनल डिफेंस फोर्स की क्षमता बेहतर करने में मदद देने का भारत ने भरोसा दिया।

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