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Special Report: भारत ने चीन से कहा- कश्मीर में दखल देने की कोशिश न करे

MEA प्रवक्ता रवीश कुमार

नई दिल्ली। चीन के विदेश मंत्री के पाकिस्तान दौरे के बाद जारी साझा बयान में जम्मु और कश्मीर का  जिक्र किये जाने पर भारत ने कड़ा एतराज किया है और  चीन का नाम लिये बिना इशारों में कहा है कि किसी तीसरे देश द्वारा  पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की यथास्थिति बदलने की कोशिशों का भारत तीव्र  विरोध करता है।  भारत ने चीन और पाकिस्तान को आगाह किया है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।





 यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने चीन और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के साझा बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि  पाकिस्तान ने 1947 से जम्मू कश्मीर के हिस्से पर गैरकानूनी  कब्जा किया हुआ है।  प्रवक्ता ने कहा कि इस इलाके में चीन और पाकिस्तान द्वारा बनाए जा रहे चीन पाक आर्थिक गलियारा ( सीपीईसी) पर भारत ने हमेशा चिंता जाहिर की है। यह निर्माण भारत के इलाके में हो रहा है।  प्रवक्ता ने सम्बद्ध पक्षों से कहा कि इस तरह की गतिविधि तुरंत बंद करें।

गौरतलब है कि  चीन के विदेश मंत्री वांग ई के गत सोमवार को पाकिस्तान दौरे में  विदेश मंत्री शाह मुहम्मद कुरेशी से आपसी मसलों पर बातचीत के अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और राष्ट्रपति  आरिफ अलवी से भी मुलाकात हुई।  राजनयिक सूत्रों के मुताबिक चीन के विदेश मंत्री वांग ई पाकिस्तान दौरे के बाद भारत आना चाहते थे लेकिन भारतीय पक्ष ने उनसे बाद में आने का आग्रह किया।

 गौरतलब है कि आगामी नवम्बर में चीन के राष्ट्रपति शी चिन फिंग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अनौपचारिक शिखर वार्ता के लिये भारत आने वाले हैं। उनके भारत आने के पहले भारत चीन रिश्तों में हाल के कई घटनाक्रमों की वजह से तल्खी पैदा होने लगी है।  पिछले महीने  चीन की शह पर पाकिस्तान जम्मू कश्मीर मसले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ले गया जिसे भारतीय राजनयिक हलकों में अन्यथा लिया गया।  इसके पहले चीन ने आतंकवादी संगठन जैश ए मुहम्मद के सरगना मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने के सयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश प्रस्ताव का घोर विरोध किया था।

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