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Special Report: सुरक्षा हित के मद्देनजर वारसा बैठक में भारत ने हिस्सा लिया

वारसा बैठक

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में शांति व सुरक्षा से भारत के सुरक्षा हित जुड़े हैं इसलिये पोलैंड की राजधानी वारसा में पोलैंड और अमेरिका द्वारा साझा तौर पर  13 और 14 फरवरी को आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत ने अपने विदेश मंत्रालय के सचिव स्तर के अधिकारी को भेज कर अपनी भागीदारी दर्ज की।





मध्य पूर्व में शांति व सुरक्षा का भविष्य पर आयोजित इस मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत की भागीदारी के बारे में यहां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस इलाके से भारत के गहरे हित जुड़े हैं  क्योंकि इस इलाके में भारतीय मूल के 92 लाख लोग रहते हैं। इनकी बेहतरी औऱ इनकी देखरेख भारत के लिये काफी अहमियत रखती है।

इस इलाके से भारत अपनी जरूरत का 50 प्रतिशत तेल आयात करता है और गैस की 70 प्रतिशत जरूरतों को यहां से पूरा किया जाता है। यह इलाका भारत का एक बड़ा व्यापारिक भागीदार है जहां से 2016-  17 के दौरान कुल 110 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। इस इलाके के देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में  परस्पर निवेश भी किये जाते हैं।

इस इलाके में आइसिस जैसे आतंकवादी संगठनों का उदय भारत और पश्चिम एशियाई देशों के लिये साझा चुनौती पेश करता है। इस इलाके के निकट समुद्री सुरक्षा को सुनिश्चित करना भी भारत के हित में है। इस इलाके के समुद्री व्यापारिक मार्गों को भी सुरक्षित रखने की चिंता भारत को रहती है। इन्ही मसलों के मद्देनजर मध्य पूर्व पर वारसा मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेना भारत की अहमियत दर्शाता है।

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